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तो पूर्वांचल के पूर्व सांसद ने रची थी मुन्ना बजरंगी की हत्या की साजिश !

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बागपत। तीन दशक तक पुलिस की नाक में दम करने वाले पूर्वांचल के कुख्यात डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की सोमवार सुबह बागपत जिला जेल में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। उनकी हत्‍या के बाद पूरे सूबे में सनसनी फैल गई है। इस बीच मुन्ना बजरंगी की पत्‍नी सीमा सिंह ने केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, पूर्व सांसद धनंजय सिंह, रिटायर सीओ जेएन सिंह और उनके बेटे प्रदीप सिंह पर अपने पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

क्‍या कहा मुन्‍ना बजरंगी की पत्‍नी ने ?

हालांकि मुन्ना बजरंगी की हत्या का आरोप उसी जेल में बंद वेस्ट यूपी के कुख्यात बदमाश सुनील राठी पर लगा है, लेकिन मुन्ना बजरंगी की पत्‍नी सीमा सिंह ने कुछ और ही आरोप लगाए हैं। उन्‍होंने केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, पूर्व सांसद धनंजय सिंह और पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की पत्‍नी और बीजेपी विधायक अलका राय पर कई लोगों के साथ मिलकर उसके पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। बागपत में खेकड़ा पुलिस को दी गई तहरीर में उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद धनंजय सिंह, रिटायर सीओ जेएन सिंह और उनके बेटे प्रदीप सिंह पुलिस के लिए मुखबिरी का काम कर रहे थे। इन तीनों ने सहयोगी विकास उर्फ राजा के साथ षडयंत्र रचा, फिर अपराधियों से मिलकर जेल के अंदर हत्या मुन्‍ना बजरंगी की करवा दी। बता दें कि सीमा सिंह ने 10 दिन पहले ही प्रेस कांफ्रेंस कर मुन्‍ना बजरंगी की हत्‍या की आशंका जताई थी।

10 गोलियां मारी गई थीं बजरंगी को

बता दें कि मुन्ना बजरंगी को रविवार देर शाम झांसी जेल से बागपत लाया गया था। यहां सोमवार को पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के मुकदमे में उसकी पेशी थी, लेकिन उससे पहले ही जेल में मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। करीब तीन घंटे तक जेल में पड़ताल के बाद डीएम व एसपी ने मीडिया को बताया कि मुन्ना बजरंगी को करीब से 10 गोलियां मारी गईं। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

14 घंटे तलाशी के बाद गटर से पिस्‍टल बरामद

मुन्‍ना बजरंगी की हत्‍या के बाद मौके से पिस्‍टल नहीं मिली थी। करीब 14 घंटे की सघन तलाशी के बाद सोमवार देर शाम पुलिस को हत्‍या में इस्‍तेमाल पिस्‍टल बरामद हुई। पुलिस ने बताया कि देर शाम जेल में ही एक गटर से 0.32 बोर की पिस्टल बरामद की गई है। इसी 0.32 बोर की पिस्टल से हत्या होना बताया जा रहा है।  पुलिस को पिस्‍टल के साथ ही 10 खोखे, 22 जिंदा कारतूस और दो मैग्‍जीन भी मिली है।

जेलर सहित 4 अफसर सस्‍पेंड

एडीजी जेल ने कहा कि मुन्‍ना बजरंगी की हत्‍या की घटना जेल की सुरक्षा में गंभीर चूक है। मामले में जेलर उदय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर शिवाजी यादव, हेड वार्डन अरजिन्दर सिंह, वार्डन माधव कुमार को निलंबित कर दिया गया है। इस घटना की न्‍यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है। उन्‍होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी मिला, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।

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