फीनिक्स। गूगल समेत कई कंपनियां काफी समय से बिना ड्राइवर की अपने आप चलने वाली गाड़ियों का परीक्षण कर रही हैं, लेकिन इन गाड़ियों से सुरक्षा के खतरे सामने आ रहे हैं। ताजा मामला अमेरिका के फीनिक्स का है। जहां ऊबर कंपनी की एक ऐसी ही गाड़ी ने महिला की जान ले ली।

कब हुआ हादसा ?
ये हादसा रविवार रात फीनिक्स के टेम्पे में हुआ। यहां ऊबर की एक एसयूवी की टेस्टिंग हो रही थी। गाड़ी में ड्राइवर था, लेकिन गाड़ी को ऑटोमैटिक मोड पर चलाया जा रहा था। इसी बीच गाड़ी में लगे सेंसर्स ने नियंत्रण खो दिया और सड़क पर पैदल चल रही महिला उससे कुचलकर मारी गई।

टेस्टिंग पर लगी रोक
ऊबर ने हादसे के तुरंत बाद फीनिक्स, पिट्सबर्ग, सैन फ्रांसिस्को और कनाडा के टोरंटो में इस तरह की ऑटोमैटिक गाड़ियों की टेस्टिंग पूरी तरह रोक दी है।

पहले भी हो चुके हैं हादसे
ऑटोमैटिक गाड़ियों से ये पहला हादसा नहीं है। मार्च, 2017 में ऊबर की ही ऐसी ही एसयूवी टेम्पे में ही पलट गई थी। वहीं, अमेरिका के फ्लोरिडा में साल 2016 में ऑटोपायलट पर चल रही टेस्ला की कार का ड्राइवर सड़क हादसे में मारा गया था।

बिना ड्राइवर कैसे चलती है गाड़ी ?
बिना ड्राइवर वाली गाड़ियों में लेजर, रडार, कैमरा और अन्य सेंसर्स के साथ कम्प्यूटर होते हैं। सेंसर्स, कैमरों और रडार से सड़क पर चल रहे अन्य वाहनों की जानकारी इकट्ठा होकर कम्प्यूटर में जाती है। इसके बाद कम्प्यूटर ही गाड़ी को चलाता, उसकी स्पीड कंट्रोल करता और रोकता है।