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पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रहस्यमयी खजाने की चाबी गायब, मचा हड़कम्प

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  • ओडिशा हाईकोर्ट के रिटायर जज करेंगे मामले की जांच, तीन महीने में देंगे अपनी रिपोर्ट

भुवनेश्वर। ओडिशा के पुरी में स्थित विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के खजाने की चाबी कथित रूप से गायब हो गई है। इस बारे में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य रामचंद्र दास महापात्रा ने बताया कि रत्न भंडार के आंतरिक कक्ष की चाबी गायब हो गई है। महापात्रा ने बताया कि चाबी ना तो श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन के पास है और ना ही पुरी जिला कोषागार को इसके बारे में कोई जानकारी है। उनका आरोप है कि यह चाबी तब से गायब है जब ओडिशा हाईकोर्ट के आदेश पर 4 अप्रैल को 34 साल बाद जांच के लिए टीम यहां आई थी।

मुख्‍यमंत्री ने दिए न्‍यायिक जांच के आदेश

रत्न भंडार (कोष) की चाबियां नहीं मिलने पर राज्‍य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार (4 जून) को न्यायिक जांच के आदेश दिए। मामले की जांच ओडिशा हाईकोर्ट के रिटायर जज करेंगे। जांच तीन महीने में पूरी करनी होगी। इस मुद्दे पर कानून मंत्री प्रताप जेना और मुख्यमंत्री के बीच वार्ता होने के बाद जांच का निर्णय लिया गया। इस मामले ने सबका ध्यान खींचा गोवर्धन पीठ, पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने रत्न भंडार की चाबियां नहीं मिलने पर इसकी जांच की मांग की।

4 अप्रैल को चाबियां गायब होने का पता चला

ओडिशा हाईकोर्ट के आदेश के बाद, 4 अप्रैल को 16 सदस्यीय एक दल जगन्‍नाथ मंदिर के रत्न भंडार की स्थिति जानने के लिए पहुंचा था। हालांकि अंदर के कक्षों की चाबियां नहीं होने के कारण टीम अंदर नहीं जा सकी और बाहरी कक्षों का ही निरीक्षण कर ही लौट आई। इसी दिन जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन कमेटी की बैठक में पता चला कि कोष के अंदरूनी कक्षों की चाबियां गायब थीं। नियमों के अनुसार, ताला लगाने के बाद मंदिर के कोष की चाबियां जिलाधिकारी को दे दी जाती हैं, जहां से इन्‍हें जिला कोषागार में जमा करा दिया जाता हैं। सूत्रों के अनुसार, चाबियां न तो सरकारी कोष में हैं और न ही जिलाधिकारी के पास।

चाबी को लेकर सियासत भी शुरू

उधर, मंदिर की चाबी को लेकर अब सियासत भी शुरू हो गई है। पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने रविवार को इस घटना के लिए ओडिशा सरकार की आलोचना की। वहीं बीजेपी ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से इस घटना पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है। उड़ीसा बीजेपी के प्रवक्ता पीतांबर आचार्य ने कहा, ‘मुख्यमंत्री को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि चाबी कैसे गायब हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।’

250 करोड़ रुपये है मंदिर की संपत्ति

बता दें कि जगन्नाथ मंदिर पुरी में स्थित है और यह हिन्दुओं के चार धामों में से एक है। दावा किया जाता है कि इस मंदिर की वार्षिक आय 50 करोड़ रुपये है और इसकी कुल संपत्ति 250 करोड़ रुपये है। 12 वीं शताब्दी से इस खजाने को लूटने 18 बार मंदिर पर हमला किया गया, लेकिन इसे कोई लूट नहीं पाया। इस मंदिर में 7 कक्ष हैं, जिनमें से अबतक केवल 3  कक्ष द्वार खोले गए हैं। माना जाता है कि जितना अनुमान लगाया जा रहा है, मंदिर का खजाना उससे कहीं बहुत ज्‍यादा है। ऐसी धारणा है कि मंदिर की जितनी ऊंचाई है, उतना ही गहरा मंदिर का खजाना भी है।

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