Breaking News

असुरक्षित यौन संबंध से ये बीमारी हुई, तो कोई दवा या डॉक्टर काम नहीं आएगा

22 0

लंदन। असुरक्षित यौन संबंध बनाते हैं तो सावधान। आपको ऐसी बीमारी हो सकती है कि न तो कोई दवा आपके काम आएगी और न ही कोई डॉक्टर आपको बचा सकेगा। जी हां, असुरक्षित यौन संबंध से पूरी दुनिया पर एक ऐसी बीमारी का खतरा मंडराने लगा है, जिसका कोई इलाज शायद न हो सके।

क्या है ये बीमारी ?

विशेषज्ञों के मुताबिक, असुरक्षित यौन संबंध से माइकोप्लाज्मा जेनीटैलियम यानी MG नाम का बैक्टीरिया फैलने की आशंका काफी ज्यादा होती है। इस बैक्टीरिया के फैलने के कोई संकेत नहीं मिलते, लेकिन इससे महिलाओं को गंभीर बीमारी जकड़ सकती है। यहां तक कि महिलाएं इसकी वजह से प्रजनन करने में भी नाकाम हो जाती हैं।

सुपरबग जैसी होती है बीमारी

  • माइकोप्लाज्मा जेनिटैलियम बैक्टीरिया सुपरबग जैसा रूप ले रहा है। यानी इसका कोई इलाज शायद आगे चलकर संभव न हो।
  • सही वक्त पर इलाज न कराने से आगे न तो दवा काम आएगी और न ही कोई डॉक्टर इस बीमारी के मरीज को ठीक कर सकेगा।
  • द ब्रिटिश एसोसिएशन ऑफ सेक्‍सुअल हेल्थ एंड एचआईवी ने एमजी वायरस से बचने के लिए लोगों को सलाह दी है।
  • माइकोप्लाज्मा जेनिटैलियम बैक्टीरिया से पुरुषों की पेशाब की थैली में सूजन आ जाती है। पेनिस से डिस्चार्ज होने लगता है और ये काफी दर्दनाक स्थिति में ला देता है।
  • महिलाओं में इस बैक्टीरिया से गर्भाशय और फेलोपियन ट्यूब में सूजन आ जाती है। इससे बुखार, जननांग से खून आने और दर्द की शिकायत होती है।
  • जिसे ये बैक्टीरिया हो, उसके साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने से बीमार हो सकते हैं। इसकी रोकथाम के लिए सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करना जरूरी है।
  • एमजी नाम की बीमारी के कोई संकेत न होने से इसे आम तौर पर क्लैमीडिया नाम की सेक्‍सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज मान लिया जाता है।
  • इस बीमारी के बैक्टीरिया के बारे में पता चला है कि इस पर कई दवाइयों का असर नहीं हो रहा है। हालांकि, मैक्रोलाइड्स और एजिथ्रोमाइसिन दवाइयों से एमजी का इलाज किया जा सकता है।

Related Post

सुप्रीम कोर्ट का ‘पद्मावती’ के सीन हटाने की याचिका पर सुनवाई से इनकार

Posted by - November 20, 2017 0
तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि सेंसर बोर्ड ने अभी फिल्म को प्रमाणपत्र नहीं दिया, इसलिए सुनवाई उचित नहीं नई…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *