नई दिल्ली। Google I/O 2018 में सर्च जाएंट ने नया ऑपरेटिंग सिस्टम P लॉन्च कर दिया है। अभी इस ऑपरेटिंग सिस्टम का बीटा वर्जन ही लॉन्च किया गया है, लेकिन इसके साथ ही तमाम कंपनियों ने बता दिया है कि वो अपने कौन से सेट में गूगल का नया ऑपरेटिंग सिस्टम यानी P देंगे। साथ ही एंड्रॉयड P के खास फीचर भी सामने आ गए हैं। हम आपको दोनों ही के बारे में बताने जा रहे हैं।

इन मोबाइल सेट्स को मिलेगा एंड्रॉयड P
वन प्ल्स 6, सोनी एक्सपेरिया एक्सजेड 2, श्याओमी माई मिक्स 2 एस, नोकिया 7 प्लस, ओप्पो आर 15 प्रो, वीवो एक्स 21 और एसेंशियल पीएच 1 मोबाइल सेट्स को गूगल का नया एंड्रॉयड P ऑपरेटिंग सिस्टम मिलेगा।

एंड्रॉयड P में क्या खास ?
गूगल ने बताया है कि एंड्रायड P में कई नए फीचर्स होंगे। ये फीचर एंड्रॉयड O यानी ओरियो में नहीं हैं। एंड्रॉयड P में एडेप्टिव बैटरी, एडेप्टिव ब्राइटनेस, एप एक्शन, स्लाइसेज, गूगल टेक्स्ट और इमेज लेबलिंग रिकग्नाइजेशन होगा। इसके अलावा गूगल मशीन लर्निंग के साथ एक किट देगा। ये किट एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म को सपोर्ट करेगी। एंड्रॉयड P यूजर के जेस्चर को समझकर मल्टीटास्किंग कर सकेगा। एंड्रॉयड O में मल्टीटास्किंग तो है, लेकिन ये जेस्चर कंट्रोल से नहीं जुड़ी है। इसके अलावा बटन स्लाइड करने पर एंड्रॉयड P में फोन से एप के बीच स्विच किया जा सकेगा।

एडेप्टिव बैटरीः इससे उन एप्स को कंट्रोल कर सकेंगे, जो ज्यादा बैटरी पावर का इस्तेमाल करते हैं।

एडेप्टिव ब्राइटनेसः मशीन खुद ये जानकारी जुटाएगी कि किस सेटिंग में कितनी ब्राइटनेस आप इस्तेमाल करते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसः गूगल हेल्थ केयर सेंटर और हॉस्पिटलों के साथ साझेदारी कर मशीन लर्निंग जोड़ी जाएगी।

जीमेलः इसमें स्मार्ट कंपोज फीचर आएगा।

पिक्चरः पिक्चर्स में मौजूद लोगों के साथ यूजर आसानी से पिक्चर शेयर करेंगे।

एप एक्शनः एंड्रॉयड P खुद पता कर लेगा कि आप कौन से एक्शन करने वाले हैं। यानी हेडफोन लगाते ही खुद गाने की प्लेलिस्ट खुल जाएगी।

गूगल लेंसः इससे शब्दों की भी पहचान की जा सकेगी। यूजर टेक्स्ट बुक से फोन में कॉपी पेस्ट कर सकेंगे। किसी डिश पर कैमरा घुमाने से पता उसके बारे में तुरंत सबकुछ पता चल जाएगा।

गूगल मैपः आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से गूगल मैप को जोड़ा जाएगा। नया प्लानिंग फीचर आएगा।

नेवीगेशनः नेवीगेशन विथ कैमरा और विजुअल पोजिशनिंग सिस्टम में कैमरे से नेवीगेट कर सकेंगे। कैमरे से इस्तेमाल से पता चल जाएगा कि आप कहां हैं और कहां आपको जाना है।

स्लाइसेजः सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले एप्स की जानकारी देगा। ये फीचर इंटरेक्टिव भी होगा।