लखनऊ। यूपी के सभी पूर्व सीएम को 15 दिन के भीतर अपने सरकारी बंगले खाली करने होंगे। दरअसल, यूपी मिनिस्टर्स सैलरीज, अलाउंस एंड मिसलेनियस एक्ट में संशोधन कर पूर्व सीएम को लखनऊ में बंगला दिए जाने को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार दिया था। इस आदेश के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने 6 पूर्व सीएम को बंगला खाली करने का नोटिस भेजा है। खास बात ये कि सिर्फ राजनाथ सिंह, कल्याण सिंह और एनडी तिवारी को छोड़ दें, तो बाकी ने लाखों की सरकारी रकम से अपने बंगलों को शानदार बनवा लिया, लेकिन किराए के नाम पर महज कुछ हजार रुपए ही देते हैं।

किन पूर्व सीएम को भेजा गया नोटिस
यूपी के राज्य संपत्ति विभाग ने पूर्व सीएम एनडी तिवारी, कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, मुलायम सिंह यादव, मायावती और अखिलेश यादव को नोटिस भेजा है।

 
इनके बंगले हैं सबसे बड़े
सबसे बड़ा बंगला सपा के मुलायम सिंह का है। 25 कमरे वाला ये बंगला 5 विक्रमादित्य मार्ग पर है और 2 हजार 436 वर्ग मीटर का है। इसके ठीक बगल यानी 4 विक्रमादित्य मार्ग का आवास मुलायम के बेटे और पूर्व सीएम अखिलेश यादव के पास है। दोनों बंगलों में आने-जाने के लिए बीच में रास्ता भी बनवाया गया है। इसी तरह पूर्व सीएम मायावती का 13 माल एवेन्यू का बंगला भी बहुत बड़ा है। इसे तीन बंगलों को जोड़कर बनवाया गया था। इसके आधे हिस्से में कांशीराम और आंबेडकर स्मारक बने हुए हैं।

कितना है किसका किराया ?
मुलायम सिंह के बंगले का किराया हर महीने 4 हजार 212 रुपए आता है। बेसिक किराए में वाटर टैक्स और हाउस टैक्स जोड़कर किराया बनता है। मायावती, अखिलेश, एनडी तिवारी, कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह का भी करीब इतना ही आता है।

कबसे कौन पूर्व सीएम है बंगले पर काबिज ?
पूर्व सीएम एनडी तिवारी को 1989 में बंगला अलॉट हुआ था। यानी 29 साल से वो इस पर काबिज हैं। वहीं, मुलायम को 1992 में बंगला अलॉट किया गया था। यानी मुलायम अपने बंगले में 26 साल से रह रहे हैं। मायावती को 1995 में बंगला मिला था। वो 23 साल से उनके कब्जे में है। कल्याण सिंह को 27 साल पहले 1991 में बंगला अलॉट हुआ था। मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री और पूर्व सीएम राजनाथ सिंह को साल 2000 में बंगला मिला था। यानी राजनाथ के पास 18 साल से बंगला है। पूर्व सीएम अखिलेश यादव को 2016 में बंगला अलॉट किया गया था।