नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने लव जिहाद मामले में अहम फैसला सुनाते हुए अखिला अशोकन उर्फ हादिया का निकाह सही ठहराया है। केरल हाईकोर्ट ने हादिया के निकाह को अवैध करार दिया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हादिया अब पति शफी के साथ रह सकेगी। अदालत ने हालांकि जांच एजेंसी एनआईए को बाकी पहलुओं की जांच जारी रखने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ?

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यों की सुप्रीम कोर्ट बेंच ने कहा कि इस मामले में केरल हाईकोर्ट का फैसला पूरी तरह गलत था। अदालत ने कहा कि हादिया अपनी पढ़ाई जारी रख सकती है। साथ ही बालिग होने के नाते वो जो चाहे कर सकती है।

क्या है मामला ?
साल 2017 में हादिया ने इस्लाम अपना लिया था। जिसके बाद शफी से निकाह किया था। इसपर हादिया के पिता अशोकन केएम ने केरल हाईकोर्ट में लव जिहाद का आरोप लगाते हुए अर्जी दी थी। अशोकन का आरोप था कि उनकी बेटी को बरगलाकर शफी ने शादी की। केरल हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद अखिला उर्फ हादिया का निकाह गैर कानूनी करार दिया था। जिसके खिलाफ शफी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल नवंबर में हादिया को तमिलनाडु के सलेम में होम्योपैथिक कॉलेज में शिक्षा जारी रखने की मंजूरी दी थी।