Breaking News

महत्वपूर्ण फैसलों का सुप्रीम कोर्ट से होगा सीधा प्रसारण, AG से मांगे सुझाव

37 0
  • राज्यसभा और लोकसभा चैनल की तरह अलग से एक चैनल शुरू करेगी केंद्र सरकार 

नई दिल्ली। लोकसभा और राज्‍यसभा की कार्यवाही के सीधे प्रसारण की तरह ही सुप्रीम कोर्ट में चलने वाली महत्‍वपूर्ण मुद्दों की न्यायिक कार्यवाही का भी सीधा प्रसारण हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (9 जुलाई) को इस पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली तीन सदस्‍यीय बेंच ने सभी पक्षकारों से कहा कि वे इस संबंध में समग्र दिशानिर्देश तैयार करने के लिए अटॉर्नी जनरल को अपने सुझाव दें। बता दें कि कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान 3 मई को केंद्र से इस पर सुझाव मांगा था।

किसने दायर की थी याचिका

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता इंदिरा जयसिंह की ओर से एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी, जिसमें कहा गया था कि अगर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाता है तो उसके फैसलों की गलत रिपोर्टिंग रोकने में मदद मिलेगी। इस मामले में 19 जनवरी, 2018 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इंदिरा जयसिंह के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के सीधे प्रसारण से लोग कोर्ट में हो रहे फैसलों को अपने सामने देख सकेंगे। इससे कोर्ट पर लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।

क्‍या कहा सर्वोच्‍च अदालत ने ?

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दिए अपने सुझाव में कहा कि देश भर में अदालती कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जा सकता है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगर केंद्र लाइव प्रसारण पर राजी है तो सुप्रीम कोर्ट को इससे कोई दिक्कत नहीं है। तीन सदस्‍यीय पीठ में बेंच में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूंड़ भी शामिल हैं। पीठ ने एजी केके वेणुगोपाल से इस मामले में समग्र दिशानिर्देश प्रस्तुत करने को कहा है जिसे कोर्ट अडॉप्ट कर सकती है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।

एक अदालत से होगी शुरुआत

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर यह व्यवस्था लागू की गई तो पहले इसे कोर्ट नंबर 1 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा। बाद में बाकी अदालतों में इसका विस्तार किया जाएगा। कोर्ट ने इस मामले में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल और दूसरे वकीलों से सलाह मांगी। वेणुगोपाल ने कहा कि अगर अदालत अपनी कार्यवाही के सीधे प्रसारण के लिए राजी होती है तो सरकार इसके लिए राज्यसभा और लोकसभा चैनल की तरह अलग से एक चैनल शुरू करेगी।

न्याय की पहुंच बढ़ेगी : जस्टिस चंद्रचूड़

सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि शीर्ष अदालत की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग से पारदर्शिता आएगी और न्याय की पहुंच बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे पक्षकार यह जान सकेंगे कि उनके मामले की सुनवाई में क्या हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण केसों के लाइव प्रसारण पर अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल को जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने उन्‍हें 23 जुलाई तक इस मामले में विस्तृत प्रस्तावित गाइडलाइंस पेश करने का निर्देश दिया है।

Related Post

TCS ने बनाया इतिहास, 100 बिलियन डॉलर क्लब में पहली भारतीय कंपनी बनी

Posted by - April 23, 2018 0
मुंबई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी निफ्टी में लिस्टेड टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने इतिहास रच दिया है। टीसीएस का मार्केट…

केदारनाथ के बाद अब खुले बदरीनाथ के कपाट, हजारों भक्तों ने लगाया जयकारा

Posted by - April 30, 2018 0
जोशीमठ। केदारनाथ के कपाट खुलने के एक दिन बाद सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर भगवान बदरीनाथ मंदिर के…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *