• लोकपाल नियुक्ति पर फिलहाल कोई आदेश देने से किया इनकार, अब सुनवाई 15 मई को
  • अधिवक्‍ता प्रशांत भूषण ने कहा – जान-बूझकर लोकपाल की नियुक्ति लटका रही है सरकार

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल की नियुक्ति के मामले में कहा है – ‘हमें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही लोकपाल की नियुक्ति करेगी।’ साथ ही जस्टिस रंजन गोगोई और आर. भानुमति की पीठ ने लोकपाल की नियुक्ति को लेकर दायर की गई याचिका पर कोई आदेश देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल कोई आदेश जारी नहीं किए जाएंगे।

4 हफ्तों के लिए टाली सुनवाई

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि लोकपाल की नियुक्ति को लेकर सरकार प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है। अटॉर्नी जनरल ने जानकारी दी कि इस संबंध में सेलेक्शन कमेटी ने बीते 10 अप्रैल को बैठक की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई आदेश ना देते हुए इस मामले को चार हफ्तों के लिए स्थगित कर दिया है। अब सर्वोच्‍च अदालत 15 मई को इस मामले की सुनवाई करेगी।

क्‍या बोले प्रशांत भूषण ?
कॉमन कॉज की ओर से वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार जान-बूझकर लोकपाल की नियुक्ति को लटका रही है। पिछली सुनवाई में भी केंद्र ने कहा था कि लोकपाल की नियुक्ति को लेकर मीटिंग हुई। दरअसल कॉमन कॉज संगठन ने अवमानना याचिका दाखिल की है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद लोकपाल की नियुक्ति नहीं की जा रही है।

क्‍या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने ?

27 अप्रैल, 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल की नियुक्ति के मामले में फैसला सुनाते हुए कहा था कि लोकपाल एक्ट पर बिना संशोधन के ही काम किया जा सकता है। केंद्र के पास इसका कोई जस्टिफिकेशन नहीं है कि इतने वक्त तक लोकपाल की नियुक्ति को सस्पेंशन में क्यों रखा गया। लोकपाल की नियुक्ति बिना नेता विपक्ष के ही हो सकती है।

दिसंबर 2013 में पारित हुआ था लोकपाल बिल

गौरतलब है कि लोकपाल बिल को 13 दिसंबर, 2013 को राज्यसभा में पेश किया गया था, जो 17 दिसंबर, 2013 को पारित हो गया था। इसके बाद 18 दिसंबर, 2013 को लोकसभा ने भी इस बिल को पास कर दिया था।