नई दिल्ली। सूरज की रोशनी को विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है, लेकिन ताजा शोध के मुताबिक, सूरज की यही रोशनी आपको बीमार भी कर सकती है। एम्स के आरपी सेंटर के एक शोध से सामने आया है कि दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक सूरज की रोशनी सबसे खतरनाक होती है।

क्या कहता है शोध ?
शोध के मुताबिक, दोपहर 12 से 2 बजे के बीच सूरज की रोशनी में खतरनाक अल्ट्रावायलेट यानी यूवी किरण सबसे ज्यादा एक्टिव होती हैं। इससे आंखों में सूखापन और एलर्जी का खतरा सबसे ज्यादा होता है। एम्स ने आईसीएमआर के सहयोग से साल 2010 से 2015 के बीच 11 हजार मरीजों पर ये शोध किया।

कहां-कहां से लिए गए आंकड़े ?
एम्स के शोधकर्ताओं ने दिल्ली-एनसीआर में गुड़गांव के एक ग्रामीण इलाके, पूर्वोत्तर भारत के एक पहाड़ी इलाके और आंध्र प्रदेश के समुद्र तटीय इलाकों में शोध किया। पता चला कि समुद्र तटीय इलाकों में सबसे ज्यादा यूवी किरणें होती हैं। वहीं, दिल्ली में अनुमान के मुताबिक सबसे ज्यादा प्रदूषण मिला। बता दें कि प्रदूषण से भी आंखों की बीमारी और एलर्जी होती है।

दिल्ली के लोगों पर सबसे ज्यादा असर
शोध से पता चलता है कि दिल्ली के लोगों की आंखों में सबसे ज्यादा सूखापन होता है। यहां रहने वालों को बाकी इलाकों के मुकाबले एलर्जी भी सबसे ज्यादा होती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि उम्र बढ़ने पर कैटरेक्ट होता है, लेकिन यूवी किरणें और प्रदूषण भी कैटरेक्ट की बड़ी वजह हैं।