नई दिल्ली। 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 में यूपी में हुए विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी (सपा) की भले दुर्गति हुई हो, लेकिन जहां तक संपत्ति यानी एसेट की बात है, तो बीते पांच साल में इसमें 198 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, बीजेपी का विरोध कर रही और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में झटका खा चुकी शिवसेना की संपत्ति में भी पांच साल में 92 फीसदी का इजाफा हुआ है। एडीआर की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।

किसकी संपत्ति में कितना इजाफा ?
राजनीतिक दलों पर नजर रखने वाली संस्था एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी एडीआर ने दलों की ओर से चुनाव आयोग को दी गई संपत्ति की जानकारी जनता से साझा की है। एडीआर के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2011-12 में सपा ने 213 करोड़ की संपत्ति बताई थी, जो 2015-16 में 198 फीसदी बढ़कर 635 करोड़ हो गई। बात करें आम आदमी पार्टी की तो 2012 में उसकी संपत्ति एक करोड़ रुपए से कुछ ज्यादा थी, जो 2015-16 में बढ़कर 3.7 करोड़ हो गई। तमिलनाडु में सत्तासीन अन्ना द्रमुक की संपत्ति में भी पांच साल में 155 फीसदी का इजाफा देखा गया। पार्टी की संपत्ति इस दौरान 88 करोड़ से बढ़कर 225 करोड़ हो गई।

राजनीतिक दलों से 1 करोड़ से ज्यादा लोग खफा
एडीआर की रिपोर्ट बताती है कि बीते पांच साल में हुए चुनावों के दौरान 1 करोड़ 30 लाख वोटरों ने नोटा का बटन दबाया। राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान औसतन 2.7 लाख वोट नोटा को मिले।