एक दौर में हवा से बिजली उत्पादन पर जोर था, लेकिन बीते कुछ साल के आंकड़े बताते हैं कि गैर पारंपरिक ऊर्जा हासिल करने में अब सूरज पर दुनिया का भरोसा बढ़ता जा रहा है। चीन में तो साल 2015 से ही हवा से बिजली बनाने पर कम जोर है। साल 2015 में चीन में पवन चक्कियों से 64 गीगावाट बिजली बनी। जबकि 2016 में 50 गीगावाट और 2017 में 15 गीगावाट बिजली बनाई गई। बात करें भारत की, तो यहां हवा से 33 गीगावाट बिजली बनाई जा रही है।

सौर ऊर्जा लेने पर जोर
आंकड़ों को देखें, तो बीते साल सौर ऊर्जा में 73 गीगावाट की और बढ़ोतरी हुई है। गैर पारंपरिक ऊर्जा हासिल करने में चीन और अमेरिका सबसे आगे हैं। वहीं, भारत में भी इस पर जोर है। यूपी में तो देश का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा प्लांट हाल ही में बिजली उत्पादन करने लगा है।