नई दिल्ली। भीषण गर्मी के महीने मई और जून आने वाले हैं, लेकिन इससे पहले ही देश में हालात गंभीर होते दिख रहे हैं। हालत ये है कि देश के 404 जिलों में पेयजल तक की जबरदस्त कमी हो गई है।

क्यों हुई है पानी की कमी ?
मौसम विभाग के एसपीआई डेटा के मुताबिक, बीते साल जाड़ों में बारिश कम होने से पानी की कमी हो गई है। अक्टूबर 2017 से जनवरी 2018 तक इतनी बारिश नहीं हुई, जितनी पहले होती रही थी। जनवरी और फरवरी में सामान्य से 63 फीसदी कम और मार्च से अप्रैल तक 31 फीसदी कम बारिश हुई है।

जिलों का हाल क्या ?
मौसम विभाग के मुताबिक, अक्टूबर 2017 से मार्च 2018 तक 140 जिलों में गंभीर सूखे के हालात दिखे। वहीं, 109 जिलों में सूखा तो पड़ा, लेकिन हालात विषम नहीं हैं। इसके अलावा 156 जिलों को आने वाले दिनों में सूखे का सामना करना पड़ सकता है।

कौन से राज्य हैं प्रभावित ?
मौसम विभाग के एसपीआई डेटा के मुताबिक सूखा प्रभावित ज्यादातर जिले उत्तरी, मध्य और देश के पश्चिमी हिस्से के हैं। पूर्व में बिहार और झारखंड के भी कुछ जिले सूखे की जद में हैं। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के जिलों में हालात विषम हैं।

जलाशयों में हो गई है पानी की कमी
बारिश न होने से बने सूखे के हालात की वजह से देश के बड़े जलाशयों में भी पानी की कमी हो गई है। 91 बड़े जलाशय अपनी कैपेसिटी का 25 फीसदी पानी ही इस्तेमाल कर रहे हैं। बीते साल के मुकाबले इसमें 16 फीसदी की कमी है। बात करें बीते 10 साल की, तो ये कमी 10 फीसदी है। जिन राज्यों के जलाशयों में बीते साल के मुकाबले स्तर में कमी आई है, उनमें पंजाब, झारखंड, ओडिशा, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना हैं।