लंदन। क्लीवलैंड क्लीनिक लर्नर रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने चूहों में अल्जाइमर बीमारी को ठीक करने में सफलता पाई है। इससे अल्जाइमर पीड़ित इंसानों को ठीक करने के लिए दवा का इजाद होना संभव बनता दिख रहा है।

वैज्ञानिकों का क्या है दावा ?
वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि अल्जाइमर से ग्रस्त चूहों के दिमाग से उन्होंने इस बीमारी को पैदा करने वाले BACE1एंजाइम को धीरे-धीरे कम कर दिया। इससे बीमार चूहों में अल्जाइमर के लक्षण खत्म हो गए।

अल्जाइमर बीमारी के मरीजों के लिए है खुशखबरी
वैज्ञानिकों के दल में शामिल रिकियांग यान ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि चूहों में अल्जाइमर की बीमारी खत्म करने में हमें सफलता मिली है। इससे ऐसी दवाइयां बनाई जा सकती हैं, जिनसे आने वाले दिनों में अल्जाइमर से पीड़ित इंसानों का भी इलाज हो सकेगा।

क्या होता है अल्जाइमर ?
अल्जाइमर ‘भूलने की बीमारी’ है। इसका नाम अलोइस अल्जाइमर पर रखा गया है, जिन्होंने सबसे पहले इसका विवरण दिया। इस बीमारी के लक्षणों में याददाश्त की कमी होना, निर्णय न ले पाना, बोलने में दिक्कत आना तथा फिर इसकी वजह से सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं की गंभीर स्थिति आदि शामिल हैं।

किन्हें हो सकता है अल्जाइमर ?
ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, आधुनिक जीवनशैली और सिर में चोट लग जाने से अल्जाइमर के होने की आशंका होती है। आम तौर पर ये बीमारी 60 साल की उम्र के आसपास होती है। फिलहाल इसकी कोई दवा नहीं है। बीमारी के शुरुआती दौर में नियमित जांच और इलाज से इस पर काबू पाया जा सकता है।