• चार घंटे तक ठप रही सेन्‍ट्रल लाइन की लोकल सेवा, लाखों यात्री हुए परेशान

मुंबई। रेलवे में नौकरी की मांग को लेकर हजारों छात्रों ने मंगलवार (20 मार्च) की सुबह मुंबई की लोकल ट्रेन सेवा को ठप कर दिया। बड़ी संख्‍या में प्रदर्शनकारी छात्र पटरी पर बैठ गए और माटुंगा और छत्रपति शिवाजी टर्मिनल रेलवे स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। इसकी वजह से सेंट्रल लाइन की 30 लोकल ट्रेन रद्द कर दी गईं। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे और रेलवे के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। करीब चार घंटे बाद रेलवे और पुलिस के बड़े अफसरों ने छात्रों से बातचीत की, तब जाकर हालात थोड़े बेहतर हुए और ट्रेनों का संचालन शुरू हो पाया।

क्‍या है छात्रों का आरोप ?
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि उन्होंने रेलवे की परीक्षा पास की थी, लेकिन उसके बावजूद उनकी नौकरी नहीं लगी। छात्र इस मुद्दे पर एक बार में सेटलमेंट चाहते हैं। प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने बताया कि पिछले चार साल से यहां किसी तरह की नियुक्ति नहीं हुई है। हम नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यहां तक कि 10 छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली। ये सभी छात्र रेलवे अप्रेंटिस हैं और रेलवे में नौकरी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों के जाम और प्रदर्शन की वजह से लोकल ट्रेन में सफर करने वाले लाखों लोग परेशान हुए।

सुबह 7 बजे ही पटरी पर जम गए थे छात्र

खबरों के अनुसार, प्रदर्शनकारी छात्र सुबह 7 बजे से ही रेलवे ट्रैक पर इकट्ठा हो गए थे जिससे लोकल ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। इससे दैनिक यात्रियों और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऑफिस या अन्य जरूरी काम के लिए निकले लोग स्‍टेशन पर ही अटके रहे। बताया जा रहा है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को हटाने के लिए हल्का लाठीचार्ज भी किया, लेकिन पुलिस को खास सफलता नहीं मिली और प्रदर्शनकारी छात्र रेलवे ट्रैक पर जमे रहे। इसके कारण मुंबई के कुर्ला स्टेशन से कोई ट्रेन आगे नहीं बढ़ पा रही थी। फिलहाल, पुलिस और जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को सामान्य कर दिया है और ट्रैक पर लोकल ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो गई है।