• दक्षिण एशियाई देशों की 5 दिन की यात्रा पर हैं कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी

सिंगापुर। कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी एक अच्छी पहल नहीं थी। देश में नोटबंदी होने के करीब सवा साल बाद राहुल गांधी का यह बयान आया है। राहुल गांधी ने कहा कि अगर वह देश के प्रधानमंत्री होते तो नोटबंदी के प्रस्ताव को ‘कचरे के डिब्बे’ में फेंक देते। वह शनिवार (10 मार्च) को कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय के लोगों के साथ बातचीत कर रहे थे।

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष दक्षिण एशियाई देशों की 5 दिन की यात्रा पर हैं। शनिवार को उन्होंने मलेशिया की यात्रा शुरू की और इस दौरान कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय के लोगों से मिले। इसी दौरान उनसे पूछा गया था कि वह नोटबंदी को कैसे अलग तरह से लागू करते, जिसका वह जवाब दे रहे थे। राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं नोटबंदी को ऐसे ही लागू करता क्योंकि मेरे हिसाब से इसके (नोटबंदी) साथ ऐसा ही किया जाना चाहिए। यह किसी के लिए भी अच्छी नहीं है।’ कांग्रेस अध्यक्ष का इससे जुड़ा एक वीडियो कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है।

उल्लेखनीय है कि नोटबंदी की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर, 2016 को की थी। इसके तहत 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद कर दिए गए थे। कांग्रेस पार्टी ने इसका जोरदार विरोध किया था। वहीं, महिला सशक्तिकरण पर एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए समानता ‘काफी’ नहीं है। उनका मानना है कि उनके प्रति जिस तरह का पक्षपात समाज में है, उसके लिए उन्हें पुरुषों की बजाय ज्यादा मदद की जरूरत है। राहुल ने कहा, ‘मैं महिलाओं को पुरुषों के बराबर नहीं मानता, बल्कि पुरुषों से बेहतर मानता हूं। मेरा मानना है कि पश्चिमी समाज समेत सभी समाजों में (महिलाओं के प्रति) एक पक्षपाती सोच है। इस सोच को सुधारे जाने की जरूरत है और इसे ठीक करने के लिए समानता काफी नहीं है।’  (एजेंसी)