नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी आज से 20 अप्रैल तक विदेश दौरे पर हैं। पहले वो स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम पहुंचेंगे। किसी भारतीय पीएम का 30 साल बाद स्वीडन दौरा हो रहा है। इससे पहले 1988 में पीएम रहते राजीव गांधी स्वीडन गए थे। स्वीडन से मोदी ब्रिटेन जाएंगे, जहां वो कॉमनवेल्थ देशों के प्रमुखों की बैठक में हिस्सा लेंगे।

मोदी का ये है कार्यक्रम
मोदी स्वीडन में भारत-नॉर्डिक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। स्वीडन के पीएम से वो मुलाकात करेंगे। यहां से वो लंदन जाएंगे। वहां कॉमनवेल्थ देशों की शिखर बैठक है। मोदी को ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ बकिंघम पैलेस में भोज देंगी। इसके अलावा मोदी की ब्रिटिश पीएम टेरीजा मे से भी मुलाकात होगी। मोदी इसके बाद लंदन में ब्रिटेन में बसे भारतीयों को भी संबोधित करेंगे।

मोदी को विशेष गाड़ी मिलेगी
ब्रिटेन में मोदी अकेले ऐसे पीएम होंगे, जिन्हें लिमोजिन कार दी जाएगी। बाकी सभी कॉमनवेल्थ देशों के प्रमुखों को लाने और ले जाने के लिए कोच की व्यवस्था की गई है।

जर्मन चांसलर से भी मिलेंगे मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी 20 अप्रैल को देश लौटने से पहले जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल से भी मुलाकात करेंगे। बता दें कि जर्मनी और भारत के रिश्ते सदियों से मजबूत हैं। दूसरे विश्व युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों में और गर्माहट आई है। जर्मनी ने कश्मीर और अन्य मुद्दों पर हमेशा भारत का साथ दिया है। जर्मनी और भारत उन पांच देशों में शामिल हैं, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट के लिए मिलकर मांग उठा रहे हैं।

आतंकवाद और विकास का मुद्दा उठाएंगे मोदी
स्वीडन और कॉमनवेल्थ देशों के शिखर सम्मेलन में मोदी आतंकवाद और विकास के मुद्दों पर बोलेंगे। सूत्रों के मुताबिक, आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक जंग के लिए मोदी सभी देशों का आह्वान कर सकते हैं। इसके अलावा एशिया और अफ्रीका के देशों को विकसित करने में मदद के लिए भी वो पश्चिमी देशों की मदद मांग सकते हैं।