मिशिगन। अब तक मेडिकल साइंस और बायोलॉजी के मुताबिक बच्चा पैदा करने के लिए स्पर्म यानी शुक्राणु और एग यानी अंडाणु को जरूरी माना जाता था। यानी बच्चे पैदा करने के लिए पुरुष और महिला के बीच संसर्ग की जरूरत बताई जाती थी, लेकिन ताजा शोध कहता है कि बिना महिला के अंडाणु के भी बच्चा पैदा किया जा सकता है। यहां तक कि आपकी त्वचा भी आपके बच्चे को जन्म दे सकती है।

अब तक ये थी थ्योरी
नेचर कम्युनिकेशन्स नाम के जर्नल में छपे शोध के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ के शोधकर्ताओं ने ऐसी तकनीक हासिल कर ली है, जो 200 साल पुराने बायोलॉजी को पूरी तरह बदलकर रख देगी। शोध के मुताबिक, महिला और पुरुष के संसर्ग से ही बच्चे नहीं होंगे, दो पुरुष भी मिलकर बच्चे को जन्म दे सकेंगे। अब तक ये माना जाता था कि महिला का अंडाणु और पुरुष का शुक्राणु मिलने से ही बच्चा जन्म लेगा, क्योंकि महिला का अंडाणु विशेष प्रकार का होता है, जिससे सेल डिविजन यानी कोशिकाओं के विभाजन के दौरान आधे क्रोमोसोम यानी गुणसूत्र ही आगे जाते हैं। जब अंडाणु और शुक्राणु मिलते हैं, तो बच्चे में आधा डीएनए पिता और आधा मां से आते हैं।

नए शोध से क्या पता चला ?
वैज्ञानिकों ने अब पाया है कि शरीर के किसी भी हिस्से के सेल यानी कोशिका में अगर सारे क्रोमोसोम हों, तो उसे भी स्पर्म से फर्टिलाइज यानी निषेचित किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने इस तकनीक से चूहों की तीन पीढ़ियों को पैदा भी कर लिया है। चूहे के सारे बच्चे स्वस्थ और फिट हैं। अब वैज्ञानिक चूहों की त्वचा से कोशिका लेकर उससे बच्चे पैदा करने की कोशिश में जुट गए हैं।

क्या कहते हैं शोधकर्ता ?
शोध में शामिल मॉलीक्यूलर एम्ब्रियोलॉजिस्ट डॉ. टोनी पेरी के मुताबिक, अब उनकी टीम अलग-अलग तरीके से भ्रूण विकसित करने में जुटी है। टोनी के मुताबिक कोई सोच सकता है कि उसकी त्वचा से कोशिका लेकर उससे भी भ्रूण बन सकता है।

कैसे तैयार किया भ्रूण ?
डॉ. टोनी पेरी ने बताया कि शोधकर्ताओं ने पहले महिला का अंडाणु लेकर उसमें विशेष केमिकल मिलाए। इससे अंडाणु को लगा कि वो निषेचित हो गया है। उनके मुताबिक, हर भ्रूण की कोशिकाएं अपनी कॉपी बनाती हैं। इससे वो बढ़ते जाते हैं। ऐसा ही त्वचा से ली गई कोशिकाओं से भी होता है। जब वैज्ञानिकों ने इस भ्रूण में शुक्राणु डाला, तो उनसे चूहों के स्वस्थ बच्चे हुए, जिन्होंने बाद में अपने बच्चों को जन्म दिया।

शोध से इन्हें होगा फायदा

  • समलैंगिक पुरुषों को इस शोध से फायदा होगा।
  • खुद या माता-पिता के सेल लेकर भी बच्चे पैदा किए जा सकेंगे।
  • जो महिलाएं कैंसर के इलाज की वजह से बच्चा पैदा नहीं कर सकतीं।