• बजरे से नौका विहार के दौरान घाटों और यहां की धार्मिकसांस्कृतिक धरोहरों से रुबरू कराया

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (12 मार्च) को यहां फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को विशेष प्रकार से फूलों से सजे बजरे से गंगा में नौका विहार कराया। उन्‍होंने मैक्रों को गंगा की सैर के जरिए बनारस के घाटों और यहां की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की विरासत से रुबरू कराया।

ऐतिहासिक अस्‍सी घाट से दशाश्वमेध घाट तक फूलों से सजे विशेष प्रकार के बजरे पर सवार होकर राष्‍ट्रपति मैक्रों, पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगभग 40 घाटों एवं उसके आसपास की ऐतिहासिक एवं धार्मिक इमारतों को निहारा। अभूतपूर्व मेजबानी से प्रसन्न मैक्रों कई बार बजरे पर खड़े होकर घाटों पर खड़े लोगों का अभिवादन स्वीकार करते नजर आए। नौकायन से पहले अस्‍सी घाट पहुंचने पर वैदिक मंत्रोच्चार, शंख और शहनाई की मधुर धुनों के बीच महिलाओं ने फूल भेंटकर विदेशी मेहमान का स्वागत किया। सीढि़यों पर उतरते हुए मोदी और मैक्रों हाथ थामे दिखे।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ नाव की सैर के दौरान मैक्रों ने तुलसी घाट के सामने से गुजरते वक्त रामलीला का मंचन देखा और श्रीरामचरितमानस का पाठ सुना। प्रभु घाट और चेतसिंह घाट पर कलाकारों ने महात्मा बुद्ध द्वारा सारनाथ में पहला उपदेश दिए जाने की झांकी प्रस्तुत की। दोनों शीर्ष नेताओं के स्वागत के लिए पूरे वाराणसी को दुल्हन की तरह सजाया गया था। गंगा तट पर लगभग साढ़े तीन किलोमीटर के दायरे में भारत और फ्रांस के 20 हजार से अधिक राष्ट्रीय ध्वज फहराए गए थे। इस ऐतिहासिक नजारे का गवाह बनने के लिए घाटों और आसपास की इमारतों पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे।