नई दिल्ली। अगर आपकी जिंदगी में तनाव है और इसके बीच आप मोबाइल और कम्प्यूटर में जुटे रहते हैं, तो सावधान हो जाइए। आपके लिए खतरा हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि हाइपरटेंशन की बड़ी वजह तनाव है और मोबाइल और कम्प्यूटर का ज्यादा इस्तेमाल इसमें और बढ़ोतरी कर देता है।

हाइपरटेंशन का मतलब क्या ?
हाइपरटेंशन का मतलब है ब्लड प्रेशर बढ़ जाना। इसकी कई वजह होती हैं। इसमें तनाव, फास्ट फूड से प्रेम, एक्सरसाइज की कमी, शराब और सिगरेट पीना है। बता दें कि सामान्य तौर पर ब्लड प्रेशर 120/80 होता है। वहीं, हाइपरटेंशन में ये कई गुना बढ़ जाता है। हाइपरटेंशन से दिमाग, किडनी, हार्ट और आंख पर मुख्य रूप से असर पड़ता है। हाइपरटेंशन के लक्षण में सिरदर्द, घबराहट, नाक से खून आना, सीने में दर्द और नींद न आना शामिल हैं।

वर्किंग क्लास को ज्यादा खतरा
डॉक्टरों के मुताबिक, हाइपरटेंशन का सबसे बड़ा खतरा वर्किंग क्लास को है। इस वर्ग के 60 से 70 फीसदी में हाइपरटेंशन पाया जाता है। बदलती लाइफस्टाइल और मोबाइल के साथ कम्प्यूटर का ज्यादा इस्तेमाल भी हाइपरटेंशन को बढ़ावा दे रहा है। बच्चों में भी हाइपरटेंशन देखा जा रहा है। इसकी वजह ये है कि बच्चे लगातार मोबाइल देखते रहते हैं। वो शारीरिक व्यायाम कम करते हैं। इससे ब्लड प्रेशर की समस्या हो जाती है। इसके लिए हर व्यक्ति को 6-6 महीने में ब्लड प्रेशर चेक कराना चाहिए।

और क्या करें ?
हाइपरटेंशन से बचने के लिए पैक्ड फूड, फास्ट फूड और नमक से तौबा करें। शराब और सिगरेट न पीएं। हरी सब्जियां और फल खाएं। कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स भी लें। रोज 1 घंटे एक्सरसाइज करें। अपना वजन कम करें। परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताने से भी हाइपरटेंशन नहीं होता है।