हैदराबाद। यहां नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए की एक अदालत ने मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में सारे आरोपियों को बरी कर दिया है। इनमें अभिनव भारत संगठन के नबकुमार सरकार उर्फ स्वामी असीमानंद भी शामिल हैं।

कोर्ट ने किन्हें किया बरी ?
एनआईए की विशेष अदालत ने स्वामी असीमानंद, देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा उर्फ अजय तिवारी, लक्ष्मण दास महाराज, मोहनलाल रतेश्वर और राजेंद्र चौधरी को सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया। दो अन्य आरोपी रामचंद्र कालसांगरा और संदीप डांगे फरार हैं, जबकि मामले में आरोपी और आरएसएस के सदस्य रहे सुनील जोशी की हत्या जांच के दौरान ही हो गई थी।

कब हुआ था मस्जिद के बाहर ब्लास्ट ?
हैदराबाद की ऐतिहासिक मक्का मस्जिद के बाहर 18 मई, 2007 को पाइप बम का जबरदस्त धमाका हुआ था। इसमें 9 लोग मारे गए थे और 58 घायल हुए थे। जुमे की नमाज के दौरान ब्लास्ट के बाद भीड़ हिंसक हो गई थी। पुलिस को उग्र भीड़ को कंट्रोल करने के लिए फायरिंग करनी पड़ी थी, जिसमें 5 अन्य लोगों की मौत हुई थी।

पुलिस, सीबीआई और एनआईए ने की जांच
हैदराबाद पुलिस ने पहले मक्का मस्जिद ब्लास्ट की जांच की थी, जिसके बाद केस सीबीआई को सौंपा गया। सीबीआई ने इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल की थी। अप्रैल 2011 में केस की जांच एनआईए को सौंप दी गई। इस मामले में 226 गवाह और 411 दस्तावेज कोर्ट में पेश किए गए। बयान के वक्त सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित समेत 64 गवाह मुकर गए थे।