नई दिल्ली। बैंकों से कर्ज लेकर लौटाने वालों में विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ही नहीं हैं। इनके अलावा 29 और लोग हैं, जिन्होंने मोटी रकम बतौर कर्ज ली, लेकिन बैंकों को वापस नहीं किया। कुल मिलाकर माल्या और नीरव मोदी समेत 31 लोग हैं, जिन्होंने बैंकों को 40 हजार करोड़ रुपए की चपत लगाई है।

सरकार ने दिया आंकड़ा
लोकसभा में सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों के मुताबिक इन सभी लोगों के खिलाफ मामले दर्ज हैं और सीबीआई या ईडी इनकी जांच कर रही है। कुल मामलों की संख्या 15 है।

किस पर कितना बकाया ?

  • विजय माल्याः 9 हजार करोड़ रुपए
  • नीरव मोदी, पत्नी अमी मोदी, भाई नीशाल मोदी और मामा मेहुल चोकसी पर 12636 करोड़ का बकाया
  • हीरा व्यापारी रितेश जैनः 1500 करोड़ रुपए

किन बैंकों को कितनी चपत ?
ट्रांस यूनियन सिबिल के मुताबिक 25 लाख और इससे ऊपर की रकम लेकर बैंकों को चुकता नहीं किया गया है। जिन बैंकों को चूना लगा है, उसमें सबसे ऊपर पीएनबी का नाम है। पीएनबी को ऐसे 1018 लोगों ने चपत लगाई है। 779 मामलों के साथ दूसरे नंबर पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया है। एक्सिस बैंक में चूना लगाने के 732 मामले हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 666 और कैनरा बैंक में 487 मामले हैं। इन बैंकों को कुल मिलाकर 2900 करोड़ रुपए वसूलने हैं।

विलफुल डिफॉल्टर कौन ?
बैंकों के नियम के मुताबिक विलफुल डिफॉल्टर यानी जो जानबूझकर ली गई रकम न चुका रहा हो। जबकि वो ली गई रकम को वापस करने की हैसियत रखता हो। कई लोगों के अलावा 400 भारतीय कंपनियों को भी बैंकों ने इस श्रेणी में रखा है।