बेंगलुरु। कर्नाटक में जारी सियासी नाटक के बीच गुरुवार को सीएम की कुर्सी संभालते ही बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने किसानों के हित में बड़ा फैसला किया। येदियुरप्पा ने बतौर सीएम अपने पहले फैसले से किसानों के चेहरों पर मुस्कुराहट लाने की कोशिश की है।

येदियुरप्पा ने किया है ये फैसला ?
येदियुरप्पा ने फैसला किया कि किसानों का 1 लाख तक का कर्ज माफ कर दिया जाएगा। इससे पहले उन्होंने शपथ लेते वक्त भी ईश्वर और किसानों के नाम पर शपथ ली। बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों के वक्त बीजेपी ने राज्य में किसानों की दुर्दशा के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा था। साथ ही ये वादा किया था कि सरकार बनने पर सबसे पहले किसानों की हालत सुधारने के लिए वो जरूरी कदम उठाएगी। बता दें कि येदियुरप्पा को किसान मित्र के तौर पर बीजेपी ने चुनावों में पेश किया था।

कर्नाटक में किसान करते रहे हैं आत्महत्या
कर्नाटक में किसान कितने परेशान हैं, ये इसी से समझा जा सकता है कि राज्य में अप्रैल 2013 से नवंबर 2017 के दौरान कम से कम 3 हजार 515 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। राज्य कृषि विभाग के अनुसार इनमें से 70 फीसदी आत्महत्या की वजह सूखा और फसल खराब हो जाना था। इसकी तुलना में इससे पहले के पांच साल के आंकड़े देखें तो 1 हजार 77 किसानों ने आत्महत्या की थी। कर्नाटक में खेती का करीब 72 फीसदी मॉनसून पर निर्भर है। सिद्धरमैया की कांग्रेस सरकार ने राज्य में सिंचाई नेटवर्क का विस्तार करने का वादा किया था, लेकिन हकीकत में सिंचित क्षेत्र में कमी आई है। फरवरी 2018 में आई कर्नाटक की आर्थिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार साल 2011-12 में सिंचित क्षेत्र 34.40 लाख हेक्टेयर था। ये 2015-16 में यह घटकर 32.20 लाख हेक्टेयर रह गया। यानी 2.20 लाख हेक्टेयर खेतों में सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं है।