बेंगलुरु। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने अपनी सरकार के प्रचार पर बीते तीन महीने में 56 करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं। सूचना का अधिकार के तहत ये जानकारी सामने आई है।

कहां खर्च की रकम ?
कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, सिद्धारमैया सरकार ने बसों, मेट्रो रेल के खंभों और ऑटो रिक्शा समेत तमाम जगह होर्डिंग्स लगवाए। इनके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म और टीवी चैनलों को भी विज्ञापन देने के लिए अलग से फंड आवंटित किया गया। साथ ही सिद्धारमैया, मंत्री केजे जॉर्ज और एमबी पाटिल के विभागों के काम को प्रचारित किया गया।

कब लगाए गए विज्ञापन ?
सिद्धारमैया सरकार ने आचार संहिता लागू होने से पहले 20 मार्च तक विज्ञापन लगवाए जिसमें हर दिन करीब 1 करोड़ रुपए खर्च हुआ। सभी विज्ञापनों में सिद्धारमैया के 5 साल की उपलब्धियों को गिनाया गया है।

सूचना विभाग को कितनी रकम दी थी ?
सिद्धारमैया सरकार ने 2017-18 के बजट में सूचना विभाग को 280 करोड़ रुपए दिए थे। सीएम सिद्धारमैया ने बीती फरवरी में कहा था कि 2017-18 में प्रचार के लिए 123 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं, कर्नाटक बीजेपी प्रवक्ता एस. प्रकाश ने प्रचार पर खर्च रकम को पैसे की बर्बादी बताया है। बीजेपी का कहना है कि उन योजनाओं का प्रचार भी किया गया, जो अब तक लागू नहीं हुई हैं।