वॉशिंगटन। बेबी केयर प्रोडक्ट बनाने में दुनिया की नंबर-1 कंपनी जॉन्सन एंड जॉन्सन के खिलाफ अमेरिका की एक अदालत ने ग्राहक को 760 करोड़ रुपए के बराबर मुआवजा देने का आदेश दिया है। कंपनी पर इस ग्राहक ने ये कहते हुए केस किया था कि उसका पाउडर इस्तेमाल करने से उसे कैंसर हो गया।

ऊपरी अदालत ने बढ़ाया मुआवजा
अमेरिका के न्यूजर्सी की ऊपरी अदालत ने जॉन्सन एंड जॉन्सन के ग्राहक को बढ़ाकर मुआवजा दिया। निचली अदालत ने मुआवजे की रकम 240 करोड़ रुपए के बराबर ही रखी थी। मुआवजे का 70 फीसदी जॉन्सन एंड जॉन्सन और 30 फीसदी रकम पाउडर सप्लाई करने वाली इमेरीज टैल्क चुकाएगी। दोनों कंपनियों ने इस आदेश को चुनौती देने का फैसला किया है।

कंपनी पर क्या आरोप लगे थे ?
न्यूजर्सी के इन्वेस्टमेंट बैंकर स्टीफन लैंजो और उनकी पत्नी ने आरोप लगाया था कि जॉन्सन एंड जॉन्सन के बेबी पाउडर से मेसोथेलियोमा नाम का कैंसर होता है। इस साल जनवरी में लैंजो ने केस दर्ज कराया था। लैंजो और उनकी पत्नी के मुताबिक, बीते 30 साल से वो जॉन्सन एंड जॉन्सन का बेबी पाउडर लगा रहे थे। पाउडर में एस्बेस्टस होने की वजह से उन्हें कैंसर हो गया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने किसी तरह के खतरे की चेतावनी पाउडर के डिब्बों पर दर्ज नहीं की थी।

जॉन्सन एंड जॉन्सन ने दी अजीब दलीलें
लैंजो के केस में जॉन्सन एंड जॉन्सन ने अजीब दलीलें दीं। कंपनी ने कहा कि लैंजो के घर के बेसमेंट में लगे पाइप में एस्बेस्टस है। लैंजो जिस स्कूल में पढ़ते थे, वहां भी एस्बेस्टस था। बता दें कि बीते दो साल में जॉन्सन एंड जॉन्सन पर 7 मामलों में 5 हजार 950 करोड़ का जुर्माना लगाया जा चुका है।

क्या होता है मेसोथेलियोमा ?
मेसोथेलियोमा एक तरह का कैंसर होता है। ये कैंसर फेफड़ों, पेट, दिल, ऊतकों और कई अंगों में होता है। शोध से पता चला है कि इस तरह के कैंसर की बड़ी वजह एस्बेस्टस होता है।