नई दिल्ली। ऐसा शर्मनाक नजारा शायद देश की संसद में कभी नहीं देखा गया होगा। जो संसद अपने एक पूर्व सांसद के निधन पर शोक जताता है, उसी के एक सदन लोकसभा में 39 भारतीयों की निर्मम हत्या की खबर पर विपक्षी सांसदों ने एक आंसू की बूंद तक नहीं टपकाई। अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की अपील के बावजूद विपक्ष का हंगामा जारी रहा।

लोकसभा में क्या हुआ ?
इराक में 39 भारतीयों की हत्या के बारे में राज्यसभा को जानकारी देने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने लोकसभा में इसकी जानकारी देनी चाही। उन्होंने बयान देना शुरू किया, लेकिन विपक्षी सांसदों को शायद अपने वतन के इतने लोगों के मारे जाने पर कोई दुख नहीं था। उन्होंने हंगामा जारी रखा और सुषमा अपना पूरा बयान नहीं पढ़ सकीं।

अध्यक्ष की अपील भी नहीं सुनी
इस संवेदनशील मामले में विपक्षी सांसदों ने अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की अपील को भी अनसुना कर दिया। अध्यक्ष ने भावुक होते हुए कहा कि ये 39 देशवासियों की मौत की बात है। थोड़ी संवेदनशीलता बरतें। फिर भी विपक्षी सांसदों ने अपना विरोध जारी रखा। इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।

अध्यक्ष ने क्या कहा
विपक्षी सदस्य जब हंगामा बरपा रहे थे, तो अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा, ‘ये सही तरीका नहीं है। इतने भी संवेदनहीन मत बनिए। प्लीज! इस तरह की राजनीति न करें। आप अपने ही लोगों के लिए संवेदनशील नहीं हैं। देश ने इससे पहले इतनी खराब हालत नहीं देखी। सदन की स्थिति इस वक्त ठीक नहीं है। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकती, इसलिए मैं सदन की कार्यवाही स्थगित करती हूं।’ वहीं, राज्यसभा में मृतक सभी भारतीयों को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।