नई दिल्ली। ट्रैफिक डेंसिटी पर आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया के अन्य शहरों के मुकाबले भारत के शहरों में भीड़ ज्यादा है। इस वजह से पीक आवर्स के दौरान चार प्रमुख शहरों में ही 1.43 लाख करोड़ रुपए का सालाना नुकसान होता है।

किसने किया सर्वे ?
एशिया के बड़े शहरों में भीड़ की स्थिति पर ये सर्वे बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप यानी बीसीजी और कैब चलाने वाली उबर ने किया। सर्वे से पता चला कि एशिया के बाकी शहरों के मुकाबले दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता में 149 फीसदी तक ज्यादा भीड़ है। इन शहरों में सबसे ज्यादा ट्रैफिक का दबाव देखा गया।

आने-जाने में इतना लगता है वक्त
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में रोज सफर करने में सामान्य से डेढ़ गुना ज्यादा वक्त लगता है। सर्वे में कहा गया है कि इससे बचने के लिए राइडशेयरिंग को बढ़ावा दिया जाए।

ज्यादातर लोग खरीदना चाहते हैं कार
सर्वे के मुताबिक, 89 फीसदी लोग अगले 5 साल में कार खरीदना चाहते हैं। अगर राइड शेयरिंग मिल जाए, तो इनमें से 79 फीसदी कार शायद न खरीदें। सर्वे में कहा गया है कि राइड शेयरिंग से निजी कारों की तादाद 33 से 68 फीसदी तक कम हो सकती है। इससे सड़कों पर ट्रैफिक का लोड भी 17 से 31 फीसदी तक गिर सकता है।