• गोरखपुर में सपा के प्रवीण निषाद ने भाजपा प्रत्याशी उपेंद्र शुक्ल को 21,961 वोट से हराया
  • फूलपुर में सपा के नागेंद्र सिंह पटेल भाजपा प्रत्याशी कौशलेंद्र पटेल से  59,213 वोट से जीते

लखनऊ उत्तर प्रदेश उपचुनाव के नतीजे भाजपा के लिए बेहद निराश करने वाले रहे। यूपी में लोकसभा की दो सीटों गोरखपुर और फूलपुर के लिए हुए उपचुनाव के नतीजे बुधवार शाम को घोषित हो गए। दोनों ही सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा और समाजवादी पार्टी ने इन पर कब्जा कर लिया। सीएम योगी आदित्‍यनाथ की प्रतिष्‍ठा से जुड़ी गोरखपुर लोकसभा सीट पर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला। लगातार पांच चुनावों से योगी यह सीट जीतते आ रहे थे।

गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी प्रवीण कुमार निषाद ने 21,961 वोट से भारतीय जनता पार्टी के उपेंद्र दत्त शुक्ल को हरा दिया है। चुनाव आयोग के मुताबिक़, यहां समाजवादी पार्टी को कुल 4,56,437 वोट मिले जबकि भारतीय जनता पार्टी को 4,34,476 मिले। वहीँ दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के छोड़ने से खाली हुई फूलपुर लोकसभा सीट पर भी समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल कर ली है। यहां सपा उम्मीदवार नागेंद्र सिंह पटेल ने 59,213 वोटों से जीत हासिल की। भाजपा के कौशलेंद्र सिंह पटेल को हार का सामना करना पड़ा। यहाँ सपा को 3,42,796 और भाजपा को 2,83,183 वोट मिले।

गोरखपुर में पहले राउंड के बाद पिछड़ती गई भाजपा

सुबह मतगणना शुरू होने के बाद पहले राउंड में बीजेपी को बढ़त मिली थी, लेकिन दूसरे राउंड में सपा को 24 वोटों की बढ़त मिल गई। यह बढ़त तीसरे राउंड में बढ़कर 1500 वोटों की हो गई। उसके बाद चौथे दौर की मतगणना में सपा प्रत्‍याशी की यह बढ़त 3015 वोटों की हो गई। गोरखपुर में अपराह्न 3.30 बजे तक 22 राउंड की मतगणना के बाद सपा के प्रवीण निषाद भाजपा उम्मीदवार उपेन्द्र शुक्ल से करीब 20,000 मतों से आगे चल रहे थे। यही स्थिति फूलपुर में भी रही। वहां भी सपा के नागेन्द्र पटेल शुरू से ही आगे चल रहे थे।

दोनों जगह कांग्रेस की जमानत जब्त

फूलपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार मनीष मिश्रा की जमानत जब्त हो गई है, वहीं गोरखपुर में कांग्रेस की प्रत्याशी डॉ. सुरहिता करीम की भी जमानत जब्त हो गई है। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बीजेपी की हार में ही कांग्रेस की जीत मानकर चल रहे हैं। राहुल गांधी ने उपचुनाव के नतीजे आने के बाद अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, ‘आज के उपचुनावों में जीतने वाले उम्मीदवारों को बधाई। नतीजों से स्पष्ट है कि मतदाताओं में बीजेपी के प्रति बहुत क्रोध है और वो उस गैर भाजपाई उम्मीदवार के लिए वोट करेंगे जिसके जीतने की संभावना सबसे ज़्यादा हो। कांग्रेस यूपी में नवनिर्माण के लिए तत्पर है, ये रातों रात नहीं होगा।’

सीएम योगी ने हार स्वीकार की

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी लोकसभा उपचुनाव में पार्टी की हार स्वीकार कर ली है। योगी ने कहा, ‘जनता ने जो फैसला दिया है, उसे हम स्वीकार करते हैं। हमारे लिए ये परिणाम अप्रत्याशित हैं। हम लोगों ने कड़ी मेहनत की थी लेकिन कहां कमी रह गई, हम जल्द ही इसकी समीक्षा करेंगे। हमारे लिए दोनों ही चुनाव सबक हैं।’ मुख्यमंत्री ने गोरखपुर और फूलपुर से विजयी प्रत्याशियों को बधाई दी और कहा कि विश्वास करता हूं कि वे जनता के लिए काम करेंगे। सीएम योगी ने साथ ही कहा कि प्रदेश के अंदर राजनीतिक सौदेबाजी का जो दौर शुरू हुआ है, उसे रोकने का प्रयास करेंगे और इसके लिए हम रणनीति बनाएंगे। हम उम्मीद करते हैं कि जनता भी इस सौदेबाजी को समझेगी।

जीत के बाद क्या बोले अखिलेश ?

गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में जीत के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बसपा प्रमुख मायावती को शुक्रिया कहा। अखिलेश ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती देश के लिए अहम लड़ाई में उनके साथ आई हैं। अखिलेश ने कहा, ‘मैं दोनों लोकसभा क्षेत्र की जनता का धन्यवाद देता हूं। सबसे पहले बसपा प्रमुख मायावती जी को धन्यवाद देता हूं, उनकी पार्टी के समर्थन के कारण ही इन चुनावों में जीत हासिल हुई है। उनके अलावा जितनी भी पार्टियों ने समर्थन किया है, उनका भी शुक्रिया करता हूं।’

इस मौके पर अखिलेश ने यूपी सरकार और सीएम योगी आदित्यनाथ पर भी हमला बोला। अखिलेश ने कहा, ‘मुख्यमंत्री का क्षेत्र जो कभी नहीं हारा हो और उपमुख्यमंत्री के क्षेत्र की जनता में ही इतनी नाराजगी है तो बड़े चुनावों में क्या होगा? जीएसटी और नोटबंदी ने कारोबार छीन लिया। पिछले कुछ समय में जो कानून-संविधान की धज्जियां उड़ाई गई हैं, उनका ही जवाब मिला है।’ अखिलेश बोले – ‘सदन में मुख्यमंत्री योगी ने कहा था, मैं हिंदू हूं, ईद नहीं मनाता हूं। मुझे और बसपा प्रमुख को सांप-छछूंदर का गठबंधन बताया गया। समाजवादी पार्टी को औरंगजेब की पार्टी तक बताया गया था। ये जीत एक बड़ा संदेश है। आज की जीत सामाजिक न्याय की जीत है।’

मतगणना में गड़बड़ी का आरोप

गोरखपुर में सपा प्रत्‍याशी प्रवीण निषाद ने सुबह मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। प्रवीण निषाद ने आरोप लगाया कि वोटों की गिनती शुरू होते ही मतगणना केंद्र से उनके प्रतिनिधि को बाहर कर दिया गया है।  उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी गोरखपुर में बीजेपी वोटों की गिनती में हेरफेर कर साल 1999 में जमुना प्रसाद निषाद को हरा चुकी है। प्रवीण निषाद ने आरोप लगाया कि बीजेपी इस बार भी ईवीएम बदलकर मतगणना में गड़बड़ी कर सकती है।

गोरखपुर का जातीय गणित

गोरखपुर के जातीय गणित को यदि देखा जाए तो यहां 19.5 लाख वोटरों में से 3.5 लाख वोटर निषाद समुदाय के हैं। संख्‍याबल के लिहाज से यह सबसे प्रभावी जाति समुदाय है जो कुल वोटरों का 18 प्रतिशत है। सपा-बसपा तालमेल के बाद यदि जातीय समीकरण देखा जाए तो निषाद समुदाय के अलावा यहां करीब साढ़े तीन लाख मुस्लिम, दो लाख दलित, दो लाख यादव और डेढ़ लाख पासवान मतदाता हैं। संभवतया इसीलिए सपा ने प्रवीण कुमार निषाद को अपना प्रत्‍याशी बनाया।