कैलिफोर्निया। अगर आपने फेसबुक पर अकाउंट बना रखा है और फेसबुक पर लॉगइन न किए हों, तो भी फेसबुक आपका डेटा हासिल कर लेता है। ये जानकारी फेसबुक के डायरेक्टर ऑफ प्रोडक्ट मैनेजमेंट डेविड बेसर ने दी है। बेसर ने हालांकि साफ कर दिया कि फेसबुक कभी भी किसी यूजर का डेटा बेचता नहीं है।

डेविड बेसर ने क्या कहा ?
फेसबुक के ब्लॉग में डेविड बेसर ने बताया कि जब भी आप किसी साइट या एप पर जाते हैं, जो फेसबुक की सर्विस लेता हो, तो साइट या एप के जरिए फेसबुक को हर जानकारी मिल जाती है। बता दें कि बीते दिनों फेसबुक ने माना था कि ब्रिटिश फर्म कैंब्रिज एनालिटिका ने उसके जरिए यूजर्स का डेटा चुराया। इस डेटा का भारत में हुए कई चुनावों में इस्तेमाल करने की बात सामने आई थी।

इस तरह डेटा चोरी करता है फेसबुक ?
डेविड बेसर के मुताबिक, दूसरे एप और वेबसाइट ये नहीं जान पाते कि फेसबुक का इस्तेमाल कौन कर रहा है, लेकिन इस साइट या एप पर पहुंचते ही यूजर से जुड़ी तमाम जानकारियां फेसबुक के सर्वर में दर्ज हो जाती हैं। बेसर के मुताबिक, वेबसाइट्स और एप फेसबुक सर्विस से एड हासिल करने के लिए जुड़ते हैं। जब भी कोई शख्स उस वेबसाइट या एप पर लॉगइन करता है, तो एड दिखने लगता है और उसी दौरान यूजर की जानकारी फेसबुक के पास पहुंच जाती है।

गूगल और ट्विटर भी चुराते हैं जानकारी
डेविड बेसर के मुताबिक सिर्फ फेसबुक ही नहीं, मशहूर टेक कंपनी गूगल और ट्विटर भी यूजर का डेटा हासिल करते हैं। बेसर के मुताबिक, जब भी कोई शख्स कई बार किसी वेबसाइट या एप पर जाता है, तो उसका डेटा हर बार कई कंपनियों को चला जाता है। उन्होंने लिखा है कि जो डेटा मिलता है, उसका फेसबुक तीन अलग तरीकों से इस्तेमाल करता है। इनमें वेबसाइट्स और एप्स बनाने वाली कंपनियों को सर्विस देना, फेसबुक पर सेफ्टी बढ़ाना और अपने प्रोडक्ट को यूजर्स के बीच बढ़ावा देने का काम फेसबुक करता है।