लंदन। इस महीने यानी अप्रैल की 23 तारीख दुनिया के लिए बहुत भारी पड़ने वाली है। तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो जाएगा। ऐसा तब होगा, जब 23 अप्रैल को सूरज, चांद और बृहस्पति ग्रह कन्या राशि में एक सीध में आ जाएंगे। इसके साथ ही रहस्यमयी ग्रह ‘निबिरू’ भी आकाश में दिखने लगेगा और उसके बाद दुनिया का खात्मा हो जाएगा। ये हम नहीं कह रहे हैं, लेकिन 23 अप्रैल के करीब आने पर यूरोप और अमेरिका में ये अफवाह जोर पकड़ रही है।

किस आधार पर कर रहे भविष्यवाणी ?
कहा जा रहा है कि बाइबिल में इसका संकेत दिया हुआ है। बताया गया है कि जब सूरज, चांद और बृहस्पति ग्रह एक सीध में कन्या राशि में होंगे तो दुनिया खत्म हो जाएगी। कहा जा रहा है कि 23 अप्रैल की रात को ही अंतरिक्ष में रहस्यमयी ग्रह निबिरू दिखने लगेगा। जिसके बाद तीसरा विश्व युद्ध शुरू होगा और सात साल तक उथल-पुथल मचने के बाद दुनिया से हर जीव खत्म हो जाएगा।

क्या वाकई निबिरु ग्रह कहीं है ?
अमेरिकी अंतरिक्ष संस्था नासा कई बार कह चुकी है कि मौत लाने वाला तथाकथित रहस्यमयी ग्रह निबिरू कहीं नहीं है। बावजूद इसके यूरोपीय देशों और अमेरिका में दुनिया के खत्म हो जाने की भविष्यवाणी या यूं कहें कि अफवाह जोर पकड़ रही है।

किस किताब में दी है भविष्यवाणी ?
रहस्यमयी ग्रह निबिरू के अंतरिक्ष में प्रकट होने और उसके बाद युद्ध और दुनिया के खत्म होने की भविष्यवाणी ‘द बुक ऑफ रिविलेशन’ के पैसेज नंबर 12:1-2 में की गई है। इसमें लिखा गया है, ‘आसमान में एक बड़ी चीज दिखेगी। सूरज की रोशनी में नहाई एक महिला होगी। चांद उसके कदमों पर होगा और पांच सितारों से जड़ा ताज उसके सिर पर होगा। वो प्रेगनेंट होगी और बच्चे को जन्म देते वक्त दर्द की वजह से जोर से चीखेगी।’ भविष्यवाणी की बात कहने वाले कहते हैं कि ये कन्या राशि के बारे में कहा गया है। बता दें कि कन्या राशि में पांच तारे ही होते हैं।

पहले भी कन्या राशि में आ चुके हैं ग्रह
बता दें कि कन्या राशि में सूरज, चांद और बृहस्पति पहली बार एक सीध में नहीं आने जा रहे हैं। ऐसा हर 12 साल में होता है। अफवाह तो यहां तक फैली थी कि अप्रैल 2018 की शुरुआत में दुनियाभर से सारे चर्च गायब हो जाएंगे। इसे ईसाई रैपचर कहते हैं, लेकिन अभी तक चर्च गायब होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।