• वर्ष 2014-15 की सालाना ऑडिट रिपोर्ट दाखिल न करने पर निर्वाचन आयोग ने जारी किया नोटिस

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल को वित्त वर्ष 2014-15 की सालाना ऑडिट रिपोर्ट दाखिल न करने की वजह से कारण बताओ नोटिस भेजा है। आरजेडी अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के नाम से भेजे गए नोटिस में आयोग ने कहा है कि बार-बार याद दिलाने के बावजूद निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए क्यों न आपकी पार्टी की मान्यता रद्द कर दी जाए। आयोग ने नोटिस का जवाब देने के लिए 20 दिन का वक्त दिया है।

कब तक देनी थी ऑडिट रिपोर्ट ?

बता दें कि राष्ट्रीय जनता दल ने वित्तीय वर्ष 2014-15 के आयकर रिटर्न की जानकारी अभी तक आयोग को नहीं दी है। नोटिस में आयोग ने कहा है, ‘पार्टी ने वित्त वर्ष 2014-15 की ऑडिट रिपोर्ट अब तक नहीं दाखिल की है, जबकि रिपोर्ट दाखिल करने की निर्धारित तिथि 31 अक्टूबर, 2015 काफी पहले ही बीत चुकी है।’

क्‍या कहा चुनाव आयोग ने ?

चुनाव आयोग ने कहा, ‘निर्वाचन आयोग आपको कारण बताओ नोटिस देता है कि आयोग के वैध निर्देशों और अनुदेशों के अनुपालन में विफल रहने के लिए चुनाव चिह्न (आरक्षण व आवंटन) आदेश के अनुच्छेद 16ए के तहत क्यों नहीं आपकी पार्टी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।’ अनुच्‍छेद 16ए के तहत पार्टियों का सिम्बल ज़ब्त किया जा सकता है। इस हिसाब से लालू प्रसाद यादव की पार्टी का लालटेन का सिम्बल छिन सकता है।

आयोग 8 बार भेज चुका है रिमाइंडर

सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को हर साल अक्टूबर के अंत तक पिछले वित्त वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट आयोग को देनी होती है। आयोग ने सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि राजद को अब तक 8 बार यानी 10 नवम्बर 2015, 20 जनवरी 2016, 26 फरवरी 2016, 25 मई 2016, 5 अक्टूबर 2016, 2 जून  2017, 12 जनवरी 2018 और 13 मार्च 2018 को रिमाइंडर जारी कर  हिसाब-किताब देने को कहा। पार्टी ने रिपोर्ट नहीं पेश की, इसलिए उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।