कोलकाता। महानगर कहे जाने वाले कोलकाता में रहने वाले 80 फीसदी से ज्यादा लोग नॉनवेज के शौकीन हैं। छुट्टियों के अलावा भी बाकी दिनों में यहां नॉनवेज परोसने वाले होटलों में लोगों की काफी भीड़ रहती है, लेकिन इन होटलों में आजकल सन्नाटे जैसा आलम है। वजह है मरे जानवरों का मांस।

जी हां, बीते दिनों एक खुलासे ने कोलकाता में सनसनी फैला दी थी कि होटलों और रेस्तरां में मरे हुए कुत्ते-बिल्ली तक का मांस परोसा जा रहा है। इसके बाद से ही होटलों से नॉनवेज के शौकीन करीब-करीब मुंह मोड़ चुके हैं। बता दें कि मरे जानवरों का मीट बेचने के आरोप में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

रेस्तरां में बिकता था ऐसा नॉनवेज

कोलकाता में नॉनवेज परोसने वाले कई नामचीन रेस्तरां हैं। इन रेस्तरां में मटन, चिकन और सुअर के मीट से बने पकवान बेचे जाते हैं, लेकिन इन दिनों इन रेस्तरां के मालिक परेशान हैं। मरे हुए जानवरों का मीट रेस्तरां और होटलों में बेचे जाने का खुलासा होने के बाद से उनके यहां नॉनवेज खाने वालों की तादाद कम हो गई है। रेस्तरां और होटल मालिक इतने परेशान हैं कि होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ ईस्टर्न इंडिया यानी एचआरएईआई ने अपने सभी सदस्य होटलों और रेस्तरां मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वे रजिस्टर्ड सप्लायर से ही मटन खरीदें।

कोलकाता में अब क्या खा रहे हैं लोग ?

अमूमन रविवार जैसे छुट्टियों के दिन में कोलकाता में लोग मटन और चिकन खाना ज्यादा पसंद करते हैं, लेकिन बीते शनिवार और रविवार की बात करें, तो ज्यादातर बाजारों में लोग मछली और झींगा मछली ही खरीदते नजर आए। कोलकाता के एक रेस्तरां मालिक ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया कि लोगों में डर बैठ गया है। उनके रेस्तरां में आने वाले अब नॉनवेज की जगह वेज खाना पसंद करते हैं। अखबार में छपी रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण कोलकाता के मशहूर शमीम होटल के कारोबार में 60 फीसदी की गिरावट आई है। इस रेस्तरां में पहले हर रोज 30 किलोग्राम तक मीट के व्यंजन बिकते थे, लेकिन मरे जानवरों के मीट की सप्लाई की खबर फैलने के बाद शमीम होटल में हर रोज सिर्फ 8 किलो नॉनवेज ही बिक रहा है।