बेंगलुरु। कर्नाटक में जेडीएस के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश में जुटी कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने खूनी संघर्ष की धमकी दी है। इस बीच, खबर ये है कि कांग्रेस के लिंगायत विधायक नाराज हैं और इन्हें अपने पाले में करने की कोशिश में बीजेपी जुटी है। इसे देखते हुए सोनिया गांधी ने अपने राजनीतिक सचिव अहमद पटेल को बेंगलुरु भेजा है।

गुलाम नबी ने क्या दी धमकी ?
गुलाम नबी आजाद ने मीडिया से कहा कि सरकार बनाने का मौका अगर नहीं दिया गया, तो राज्य में खूनी संघर्ष होगा। आजाद ने बीजेपी पर कांग्रेस के विधायकों को धमकी देने और दबाव डालने का भी आरोप लगाया। उन्होंने इन खबरों से इनकार किया कि कांग्रेस के विधायक असंतुष्ट हैं। आजाद ने कहा कि कांग्रेस नहीं, बीजेपी के विधायक असंतुष्ट हैं। गुलाम नबी ने कहा कि बीजेपी को लोकतंत्र पर भरोसा नहीं है।

कांग्रेस खेमे में असंतोष की खबर
इस बीच, कांग्रेस के खेमे में असंतोष की खबरें आ रही हैं। कांग्रेस के सारे विधायक कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में इकट्ठा हैं। बताया जा रहा है कि बीजेपी की ओर से कांग्रेस के उन लिंगायत विधायकों को अपने पाले में करने की कोशिश की जा रही है, जो जेडीएस को समर्थन देने से नाराज हैं। ऐसे विधायकों की संख्या 7 बताई जा रही है। वहीं, जेडीएस खेमे के भी 5 विधायकों को पाले में लाने की कोशिश में बीजेपी बताई जा रही है।

किस पार्टी को मिली हैं कितनी सीटें
कर्नाटक विधानसभा की 224 में से 222 सीटों के लिए मंगलवार को वोटों की गिनती हुई थी। नतीजों में 104 सीटें बीजेपी ने हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी होने का रुतबा पाया है। वहीं, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीटें मिली हैं। इसके अलावा बीएसपी को 1 और अन्य को 1 सीट मिली है। कांग्रेस और जेडीएस ने मिलकर सरकार बनाने का दावा किया है, जबकि बीजेपी ने सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा पेश किया है। अब सारी निगाहें गवर्नर वजुभाई वाला पर है कि वो किसे सरकार बनाने के लिए बुलाते हैं।