• भाजपा की बढ़ीं मुश्किलें, 2 निर्दलीय विधायक भी कांग्रेस के धरने में हुए शामिल

बेंगलुरु कर्नाटक में लगातार सियासी उठापटक के बाद आखिरकार बीएस येदियुरप्पा ने गुरुवार (17 मई) सुबह मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। येदियुरप्पा के शपथ लेने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने राजभवन के बाहर जश्न मनाया, उधर शपथग्रहण के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में धरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस येदियुरप्‍पा के शपथग्रहण का जोरदार विरोध कर रही है।

कौन-कौन बैठे धरने पर ?

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता ग़ुलाम नबी आजाद की अगुवाई में सभी कांग्रेस विधायक सुबह विधानसभा में एकत्र हुए और परिसर में ही गांधी प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठ गए हैं। गुलाम नबी आजाद के साथ कांग्रेस विधायकों के अलावा मल्लिकार्जुन खड़गे, सिद्धारमैया, केसी वेणुगोपाल भी धरने पर बैठे हैं। बताया जा रहा कि कांग्रेस के साथ जेडीएस के दो निर्दलीय विधायक शंकर और नागेश भी धरने पर बैठे हुए हैं।  बता दें कि इसके पहले बुधवार को रात भर चले राजनीतिक ड्रामे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने शपथ ग्रहण समारोह रोकने से इनकार कर दिया था।

क्‍या कहना है कांग्रेस का ?

बीएस येदियुरप्पा के कर्नाटक मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। सिद्धारमैया ने कहा, ‘हम लोगों के पास जाएंगे और उन्हें बताएंगे कि भाजपा किस तरह संविधान का अपमान कर रही है।’ कांग्रेस का कहना है कि जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन के पास बहुमत होने के बाद भी राज्यपाल ने भाजपा के इशारे पर येदियुरप्पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर संविधान की अनदेखी की है। बता दें कि कर्नाटक चुनाव में भाजपा को 104 जबकि कांग्रेस को 78 और JDS के खाते में 38 सीटें आई हैं, वहीं अन्य को 2 सीटों पर जीत मिली है। इस चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई है।