पटना। आम चुनाव अगले साल होने वाले हैं और इसके साथ ही तमाम रंग दिखने लगे हैं। इसमें अब ‘इस्लाम को खतरा’ की बात भी शामिल हो गई है। आजादी के बाद पहली बार ऐसी बात मुस्लिम धर्मगुरु कह रहे हैं। पटना के पास फुलवारी शरीफ में इमारत शरिया यानी शरियत का घर है। वहां से मुस्लिमों का आह्वान किया गया है कि वे ‘दीन बचाओ, देश बचाओ’ कार्यक्रम के तहत पटना के गांधी मैदान में 15 अप्रैल को बड़ी तादाद में जुटें। इस कार्यक्रम के आयोजन में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) भी शामिल है।

रैली में क्या होगा ?
गांधी मैदान पर होने वाली दीन यानी धर्म बचाओ और देश बचाओ कार्यक्रम में मुस्लिमों के तमाम बड़े धर्मगुरुओं के शामिल होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि ये सारे धर्मगुरु कार्यक्रम में कहेंगे कि केंद्र और 22 राज्यों में बीजेपी की सरकार होने से मुसलमानों का दीन और देश दोनों सुरक्षित नहीं हैं।

तीन तलाक पर कानून बना है वजह
पहले सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को अवैध करार दिया था, जिसके बाद केंद्र की मोदी सरकार तीन तलाक के खिलाफ बिल भी संसद में लाई थी। इस बिल को संसद में पेश करने के बाद विरोध में AIMPLB ने देश के कई हिस्सों में बुर्का पहने औरतों का मार्च भी निकाला था। इसका कोई फायदा न होते देखकर बोर्ड ने इमारत शरिया के साथ मिलकर अब कल पटना में दीन बचाओ कार्यक्रम रखा है। बोर्ड इसके साथ ही देश में कानून और व्यवस्था की हालत और संविधान को खतरे की बात भी कह रहा है।

क्या है इमारत शरिया ?
फुलवारी शरीफ में इमारत शरिया की स्थापना 1921 में की गई थी। बिहार, झारखंड और ओडिशा में मुसलमानों को शरीया कानूनों के बारे में बताने का काम ये संस्था करती है। कार्यक्रम के बारे में AIMPLB के जनरल सेक्रेटरी मौलाना वली रहमानी ने कहा कि हमने चार साल इस इंतजार में बिताए कि संविधान के तहत बीजेपी देश को चलाएगी, लेकिन हमारे पर्सनल लॉ पर ही हमला किया जा रहा है। हम देशवासियों को कहने पर मजबूर हुए हैं कि देश के साथ इस्लाम भी खतरे में है। बता दें कि रहमानी ही इमारत शरिया के अमीर-ए-शरीयत यानी मुखिया हैं।