• 31 मार्च से 4 अप्रैल के बीच धरती से टकराने की आशंका, जून 2013 में ही पूरा हो गया था कार्यकाल

बीजिंग। चीन की पहली प्रायोगिक अंतरिक्ष प्रयोगशाला अगले सप्ताह धरती पर गिर सकती है। इंजीनियरों ने इसके 31 मार्च से 4 अप्रैल के बीच धरती से टकराने की आशंका जताई है। हालांकि इंजीनियरों का यह भी कहना है कि संभव है कि यह प्रयोगशाला वायुमंडल में ही नष्‍ट हो जाए।

मार्च, 2016 से नहीं मिला कोई डाटा

चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ के अनुसार, चाइना मैन स्पेस इंजीनियरिंग आफिस ने बताया कि तिआनगोंग-1 नामक इस प्रयोगशाला का कार्यकाल जून, 2013 में ही पूरा हो गया था। मार्च, 2016 से इस प्रयोगशाला से कोई डाटा नहीं मिला है।

216.2 किमी की ऊंचाई पर है प्रयोगशाला

इं‍जीनियरिंग ऑफिस के बयान के अनुसार, तिआनगोंग या हेवनली पैलेस करीब 216.2 किलोमीटर की औसत ऊंचाई पर अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित है। बीजिंग एयरोस्पेस कंट्रोल सेंटर और अन्य एजेंसी के अनुमानों के मुताबिक, अंतरिक्ष प्रयोगशाला के 31 मार्च और 4 अप्रैल के बीच वायुमंडल में प्रवेश करने की संभावना है।

कहां गिरेगी, अभी बताना संभव नहीं

अखबार के अनुसार, एक चीनी अंतरिक्ष विशेषज्ञ ने कहा है, ‘यह सटीक रूप से बताना असंभव है कि प्रयोगशाला धरती पर किस जगह गिर सकती है। धरती से टकराने से महज दो घंटे पहले इसका अनुमान लगाया जा सकता है।’ बता दें कि चीन की यह प्रयोगशाला अंतरिक्ष में अपना स्पेस स्टेशन स्थापित करने संबंधी उसके महत्वाकांक्षी प्रोजेक्‍ट का हिस्सा है।

सितंबर, 2011 में स्‍थापित हुई थी

चीन ने तिआनगोंग-1 को सितंबर, 2011 में लांच किया था। यह धरती से औसतन 216.2 किमी ऊपर कक्षा में परिक्रमा कर रही है। वैसे तो इस प्रयोगशाला की अवधि पहले दो साल की थी, लेकिन इसे बाद में बढ़ा दिया गया था। इस दौरान इसके जरिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, स्पेस-अर्थ रिमोट सेंसिंग और अंतरिक्ष वातारण संबंधी परीक्षण किए गए।