• केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षाबलों को जारी किए निर्देश, लेकिन हमला हुआ तो जवाब देगी सेना

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की एक बड़ी मांग को मान लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षाबलों को निर्देश दिए हैं कि वे रमजान के महीने में जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन न चलाएं। गृह मंत्रालय ने सीएम महबूबा मुफ्ती को इस बारे में जानकारी भी दे दी है।

क्‍या कहा केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ?

गृह मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक, केंद्र ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को रमजान के महीने में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन नहीं चलाने निर्देश दिया है। हालांकि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि यदि इस दौरान आतंकियों ने कोई हमला किया तो सामान्य नागरिकों की जान बचाने के लिए सुरक्षाबलों को पलटवार का अधिकार रहेगा। ऐसे हमलों का माकूल जवाब दिया जाएगा। सरकार ने उम्मीद जताई है कि इस मुहिम में सहयोग मिलेगा जिससे मुस्लिम भाई-बहन बिना किसी तकलीफ के रमजान मना सकें।

पिछले महीने मारे गए थे 13 प्रमुख आतंकी

बता दें कि कश्मीर के शोपियां, अनंतनाग, दक्षिण कश्मीर में पिछले अप्रैल महीने में तीन भीषण मुठभेड़ों में सुरक्षाबलों ने 13 आतंकवादी मार गिराए थे। एक अनंतनाग में मरा था, जबकि 12 शोपियां में हुई दो मुठभेड़ों में मारे गए थे। मारे गए आतंकियों में कई A+ कैटेगरी के भी आतंकी थे। इन आतंकियों में समीर टाइगर, आकिब मुश्ताक खान, जुबैर अहमद तुर्रे, नाजिम नजीर डार, इश्फाक अहमद मलिक, एत्तमाद हुसैन डार, मोहम्मद अब्बास, वसीम अहमद, इश्फाक आबिद अहमद के नाम प्रमुख हैं।

महबूबा मुफ्ती ने क्या की थी अपील ?

बता दें कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सभी दलों की बैठक बुलाकर केंद्र से घाटी में रमजान और अमरनाथ यात्रा के लिए एकतरफा सीजफायर की मांग की थी। इस बैठक के बाद सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा था, ‘हम सभी को भारत सरकार से अपील करनी चाहिए कि रमजान के मुबारक मौके पर और अमरनाथ यात्रा की शुरुआत पर जैसे साल 2000 में वाजपेयी जी ने सीजफायर किया था, उसी तरह का कोई कदम उठाए ताकि आम लोगों को थोड़ी राहत मिले। उन्‍होंने कहा था कि इस वक्त जो एनकाउंटर और सर्च ऑपरेशन हो रहे हैं, उसमें आम लोगों को बहुत तकलीफ हो रही है। हमें ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे लोगों का विश्वास बहाल हो।’