• केंद्र सरकार ने किया फैसला, दवाइयां खरीदने से पहले उस पर लिखी चेतावनी जरूर पढ़ें

मुंबई। आपकी सेहत के लिए कौन सी दवा कितनी असरकारक है, इस बात की चेतावनी अब दवाइयों के पैकेटों पर भी लिखी जाएगी। केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है। इस नियम को इसी साल 1 नवंबर से लागू कर दिया जाएगा। यह सूचना लाल बॉक्स में काले अक्षरों में प्रिंट की जाएगी। केंद्र सरकार ने सभी दवा कंपनियों को यह नियम सख्ती से लागू करने के आदेश दे दिए हैं।

उल्‍लेखनीय है कि इस संदर्भ में केंद्र सरकार ने पिछले साल ही केमिस्ट, फार्मा कंपनियों और अन्य संबंधित लोगों से सूचना मांगी थी। इसके बाद इसी साल 26 अप्रैल को केंद्र सरकार की तरफ से इस बाबत अधिसूचना जारी की गई।

दवाइयों के पैकेटों पर चेतावनी होगी अंकित

केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, दवाइयों के पैकेट पर विशेष रूप से शेड्यूल-G, शेड्यूल-H, शेड्यूल-H1, शेड्यूल-X जैसी सूचना प्रिंट करने के आदेश सरकार ने दिए हैं। इतना ही नहीं, इन सूचनाओं को दवा के पैकेट पर लाल बॉक्स में काले अक्षरों में प्रिंट करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा एनालजेसिक, हिप्नोटिक्स, सिडेटीव, ट्रांक्विलाइजर, हार्मोन, कैंसर निरोधी दवाइयों पर भी केंद्र सरकार के आदेशानुसार सूचना छापनी होगी।

चेतावनी प्रिंट करना होगा अनिवार्य

शेड्यूल-G दवाइयां : इसका मतलब है कि इस श्रेणी की दवाइयों का इस्‍तेमाल डॉक्टरों की देखरेख के बिना करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

शेड्यूल-H दवाइयां : इसका मतलब है कि बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के फार्मासिस्‍ट इन दवाइयों की बिक्री नहीं कर सकते।

शेड्यूल-H1 दवाइयां : इसका मतलब है कि डॉक्टर की सलाह के बिना अपने मन से ये दवाइयां लेना हानिकारक है।

अतिसंवेदनशील दवाइयों पर भी चेतावनी जरूरी

महाराष्ट्र रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्‍यक्ष कैलाश तांडले ने बताया कि केंद्र सरकार के आदेश के बाद नींद की गोलियों, स्टेरॉयड क्रीम के पैकेटों या फिर अतिसंवेदनशील दवाइयों पर भी बिना डॉक्टरों की सलाह के इन्‍हें नहीं खरीदने की चेतावनी साफ तौर पर प्रिंट रहेगी। यह नियम ग्राहकों में जागरूकता लाने में मदद करेगा।