• कर्ज हासिल करने के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की मदद से फर्जी प्रमाणपत्र का लिया सहारा

नई दिल्‍ली। पंजाब नेशनल बैंक में 14,000 करोड़ के घोटाले के बाद एक-एक कर लगातार बैंक घोटाले सामने आ रहे हैं। अब ताजा मामले में यूको बैंक में 621 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। यूको बैंक के पूर्व सीएमडी के ऊपर आरोप है कि उन्‍होंने आरोपियों के साथ मिलकर बैंक को 621 करोड़ रुपये का चूना लगाया। सीबीआई ने बैंक की शिकायत के बाद बैंक के पूर्व सीएमडी अरुण कौल समेत 5 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

और कौन-कौन हैं आरोपी ?

सीबीआई ने शिकायत मिलने के बाद यूको बैंक के पूर्व चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) अरुण क़ौल, मैसर्स ईरा इंजीनियरिंग इंफ्रा इंडिया लिमिटेड (मेसर्स ईईआईएल) के हेम सिंह भरना, इसके सीएमडी पंकज जैन और चार्टर्ड एकाउंटेंट वंदना शारदा, मैसर्स एल्तियस फ़िनसर्व प्राइवेट लिमिटेड के चार्टर्ड एकाउंटेंट्स पवन बंसल और अन्य अज्ञात लोक सेवक/ निजी व्यक्तियों के ख़िलाफ़ छह बैंकों से धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है।

क्‍या कहा गया है शिकायत में ?

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत यूको बैंक से धोखाधड़ी कर लगभग 621 करोड़ का ऋण लिया। आरोप है कि जिस मक़सद के लिए ऋण बैंक से लिया गया था, उसका सही तरीक़े से आरोपियों ने उपयोग नहीं किया गया था। चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा जारी किए गए झूठे उपयोग प्रमाणपत्र और व्यापार डेटा के दस्तावेज़ बना कर बैंक को गुमराह किया गया।

सीबीआई ने 10 जगह मारा छापा

सीबीआई ने कहा, वर्ष 2010 से 2015 के बीच बैंक के सीएमडी अरुण कौल ने आरोपी कंपनी को उक्त ऋण प्राप्त करने में मदद की। एजेंसी ने इस मामले में 10 स्थानों पर छापेमारी की है, जिसमें दिल्ली में 8 और मुंबई में 2 ठिकाने शामिल हैं। कंपनियों के कार्यालय परिसर, चार्टर्ड एकाउंटेंट्स और अभियुक्तों के निवास स्थान पर छापेमारी के बाद सीबीआई ने महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

पीएनबी घोटाले में भी यूको बैंक को हुआ था नुकसान

बता दें कि पिछले दिनों पीएनबी में सामने आए देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले में भी यूको बैंक को नुकसान हुआ था। पिछले दिनों यूको बैंक की तरफ से बताया गया था कि पीएनबी में हुए 14 हजार करोड़ रुपये के घोटाले में उसके भी 41.18 करोड़ डॉलर यानी करीब 2,636 करोड़ रुपये फंसे हैं।