लखनऊ। उन्नाव गैंगरेप मामले में सीबीआई ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए माखी थाने के तत्कालीन थानाध्‍यक्ष अशोक सिंह भदौरिया और एसआई कामता प्रसाद सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने दोनों पुलिस वालों को पीड़िता के पिता को फर्जी मुकदमे में फंसाने, उनकी गिरफ्तारी दिखाने, आपराधिक साजिश में शामिल होने, सबूत मिटाने और पुलिस हिरासत में मौत के आरोप में गिरफ्तार किया है।

आज कोर्ट में होगी पेशी

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई दोनों पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर उनसे पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार दोनों पुलिसकर्मियों एसआई अशोक सिंह भदौरिया और एसआई कामता प्रसाद सिंह को गुरुवार (17 मई) को कोर्ट में पेश किया जाएगा। बता दें कि इन दोनों ही पुलिसकर्मियों को सरकार पहले ही निलंबित कर चुकी है।

पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी

सीबीआई के मुताबिक, माखी के तत्कालीन एसओ अशोक सिंह भदौरिया और एसआई कामता प्रसाद सिंह को पूछताछ के लिए बुधवार को नवल किशोर रोड स्थित जोनल कार्यालय में बुलाया गया था। पूछताछ के बाद ही उन्हें देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों की गिरफ्तारी आईपीसी की धारा 120बी, 193, 201, 218 और आर्म्स ऐक्ट की धारा 3/25 के तहत हुई है।

पुलिस की भूमिका की हो रही जांच

सीबीआई की जांच-पड़ताल में यह सामने आया था कि माखी थाने की पुलिस ने रेप पीड़िता के पिता के पास से फर्जी ढंग से असलहा की बरामदगी दिखाई थी। यह भी पता चला कि तत्कालीन एसओ एएस भदौरिया और एसआई केपी सिंह की मौजूदगी में ही पीड़िता के पिता को विधायक के भाई व उसके गुर्गों ने पेड़ में बांधकर पीटा था। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को इस बात के भी गवाह मिले हैं कि जब माखी पुलिस पीड़िता के पिता को थाने ले गई तो उनके पास कोई तमंचा नहीं था, लेकिन बाद में उन्हें तमंचे के साथ गिरफ्तार दिखाकर जेल भेज दिया गया।