नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में एटीएम खाली पड़े हैं। इससे लोगों में हाहाकार मचा है। दिल्ली और लखनऊ समेत राज्यों की राजधानियों में ज्यादातर एटीएम में नो कैश की तख्तियां लटकी हैं। मध्य प्रदेश में हालात इतने खराब हैं कि वहां के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने साजिश की आशंका जताते हुए जांच की बात कही है।

एटीएम से 2000 के नोट गायब
एटीएम में बीते कुछ महीनों से 2000 रुपए के नोट कम मिल रहे थे। अब एटीएम के अलावा बैंकों के करेंसी चेस्ट में भी 2000 के नोट नहीं हैं। बता दें कि रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के बाद करीब 7 लाख करोड़ मूल्य के 2000 रुपए के नोट जारी किए थे।

कितने थे 2000 के नोट ?
जुलाई में बैंकों में 2000 के नोट कुल नोट के 35 फीसदी थे। नवंबर 2017 में ये संख्या घटकर 25 फीसदी रह गई। बैंकों में जमा होने वाली नकदी भी इस वजह से औसत 14 करोड़ से घटकर करोड़ रह गई है।

रिजर्व बैंक और बाकी बैंक चुप
एटीएम में कैश की किल्लत पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और बाकी बैंकों का प्रबंधन चुप है। करीब-करीब सभी बैंकों के एटीएम खाली मिल रहे हैं, लेकिन खासकर स्टेट बैंक यानी एसबीआई के एटीएम में कैश की जबरदस्त किल्लत है।

शिवराज ने जताई साजिश की आशंका
इस बीच, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आशंका जताई है कि कुछ लोग 2000 के नोट दबाकर नकदी की किल्लत पैदा कर रहे हैं। शिवराज ने किसानों के एक सम्मेलन में कहा कि नवंबर 2016 में जब नोटबंदी हुई थी, तो 15 लाख करोड़ रुपए के नोट बाजार में थे। अब साढ़े 16 लाख करोड़ के नोट आरबीआई ने बाजार में भेजे हैं। फिर भी 2000 के नोट नहीं हैं। शिवराज ने कहा कि नोट कहां जा रहे हैं, कौन इन्हें दबाकर नकदी की कमी पैदा कर रहा है? उन्होंने इसे षड्यंत्र बताया। शिवराज ने कहा कि यह षड्यंत्र इसलिए किया जा रहा है, ताकि दिक्कत पैदा हो। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार इससे सख्ती से निपटेगी।