बेंगलुरु। बीएस येदियुरप्पा ने कर्नाटक में सीएम की कुर्सी संभाल ली है। सुबह 9 बजे गवर्नर वजुभाई वाला ने राजभवन में एक समारोह में येदियुरप्पा को शपथ दिलाई। येदियुरप्पा के अलावा किसी और मंत्री ने शपथ नहीं ली है। येदियुरप्पा तीसरी बार कर्नाटक के सीएम बने हैं। हालांकि इससे पहले दोनों बार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। 2006 में पहली बार जेडीएस के साथ मिलकर सरकार बनाई, लेकिन उस वक्त जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी ने 20 महीने सरकार चलाने के बाद बीजेपी से समर्थन वापस ले लिया था। 2008 में अकेले दम पर बीजेपी राज्य में जीती।

बीजेपी के 104 विधायक

बता दें कि हाल ही में कर्नाटक विधानसभा के चुनावों में बीजेपी को 104 सीटें मिली हैं। वहीं, कांग्रेस और जेडीएस के कुल विधायकों की संख्या 116 है। एक निर्दलीय विधायक ने बीजेपी को समर्थन दिया है। ऐसे में 224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा में बीजेपी को 112 विधायक बहुमत के लिए चाहिए। यानी बीजेपी के पास अभी 105 की संख्या है और उसे 7 और सदस्यों का समर्थन लेना होगा। राज्यपाल ने इसके लिए 15 दिन का वक्त येदियुरप्पा को दिया है।

कांग्रेस और जेडीएस कर रहे हैं विरोध

कांग्रेस और जेडीएस के कुल विधायकों की संख्या 116 है। दोनों पार्टियों ने येदियुरप्पा को सीएम बनाए जाने का विरोध किया है। बाकायदा कांग्रेस और जेडीएस ने बुधवार रात को सुप्रीम कोर्ट में बनाई गई विशेष बेंच के सामने शपथग्रहण रोकने की अर्जी भी दी। कांग्रेस का कहना था कि गोवा और मणिपुर में गवर्नर ने पोस्ट पोल अलायंस को सरकार बनाने के लिए बुलाया, जबकि कर्नाटक में गवर्नर ने सबसे बड़ी पार्टी को बुला लिया। अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तौर पर सरकार गठन का फॉर्मूला नहीं तय किया जा सकता। इस पर जस्टिस सीकरी ने सवाल उठाया कि ये तो विधानसभा के फ्लोर पर तय होगा कि जिसे सरकार बनाने दी जा रही है, वो बहुमत साबित कर भी पाता है या नहीं। कोर्ट ने उनकी अर्जी पर शपथ रोकने से ये कहते हुए इनकार कर दिया कि राज्यपाल के आदेश को चुनौती नहीं दी जा सकती। कोर्ट में अब शुक्रवार को इस अर्जी पर सुनवाई होगी।