मियामी। अगर आप सोचते हैं कि बोतलबंद पानी पीकर स्वस्थ रहेंगे, तो ये खबर आपके लिए है। एक शोध से पता चला है कि बोतलों में बिकने वाले मिनरल वॉटर का हर घूंट आपके शरीर में खतरनाक प्लास्टिक पहुंचाता है। इस प्लास्टिक से आपको गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। शोध करने वालों का कहना है कि पाइपलाइन से सप्लाई होने वाला पानी ही पीना ज्यादा बेहतर है।

हर घूंट में प्लास्टिक !
अमेरिका की गैर लाभकारी संस्था ओआरबी मीडिया ने तमाम बड़ी कंपनियों के बोतलबंद पानी की जांच का नतीजा जारी किया है। स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क की ओर से नौ देशों में हुई जांच में पता चला कि ज्यादातर बोतलबंद पानी में प्लास्टिक के सूक्ष्म कण मौजूद थे।

किन देशों में हुई बोतलबंद पानी की जांच
बोतलबंद पानी की जांच भारत, चीन, इंडोनेशिया, ब्राजील, केन्या, लेबनान, मेक्सिको, थाईलैंड और अमेरिका में की गई।

किन कंपनियों के पानी में मिला प्लास्टिक ?
शोध से पता चला कि 93 फीसदी बोतलबंद पानी के सैंपल में प्लास्टिक है। इनमें बिसलेरी, ईप्यूरा, गैरोलस्टेनर, मिनलबा, वाहहाहा,एक्वाफिना, एक्वा, नेस्ले प्योर लाइफ, दसानी, ईवियन और सैन पैलेगरिनो नाम के अंतरराष्ट्रीय ब्रांड भी शामिल हैं।

किस तरह के मिले प्लास्टिक ?
बोतलबंद पानी में पॉलीप्रोपेलिन, नायलॉन, पॉलीएथलिन टेरेफेथेलेट (पीईटी) वगैरा के कण मिले। बता दें कि पीईटी से प्लास्टिक बोतलों के कैप बनाए जाते हैं।

एक बोतल में कितना प्लास्टिक ?
शोधकर्ताओं ने पाया कि हर बोतल में 10 हजार तक प्लास्टिक के कण हैं। इनका आकार 100 माइक्रॉन यानी 0.10 मिलीमीटर का था।

क्या हो सकती हैं बीमारियां ?
विशेषज्ञों के मुताबिक बोतलबंद पानी में प्लास्टिक के कण होने से कई तरह के कैंसर, स्पर्म की संख्या में कमी, एडीएचडी और ऑटिज्म जैसी बीमारियां हो सकती हैं।