• मेक इन इंडिया के तहत होगा इन लड़ाकू विमानों का निर्माण, तीनों कंपनियों ने किया समझौता

चेन्‍नै। दुनिया के ताकतवर लड़ाकू विमानों में गिना जाने वाला अमेरिकी फर्म बोइंग का एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट विमान का निर्माण अब अब मेक इन इंडिया के तहत भारत में होगा। गुरुवार (12 अप्रैल) को यहां डिफेंस एक्सपो के दौरान बोइंग ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल्स लिमिटेड (HAL) और निजी कंपनी महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स के साथ समझौता किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस एक्‍सपो का उद्घाटन किया।

18 महीनों से चल रही थी बातचीत

डिफेंस एक्सपो के दौरान बोइंग इंडिया के प्रेसिडेंट प्रत्यूष कुमार, एचएएल के चेयरमैन और एमडी टी सुवर्ण राजू और महिंद्रा डिफेंस सिस्टम के चेयरमैन एसपी शुक्ला ने सुपर हॉर्नेट बनाने के लिए ‘मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट’ पर हस्ताक्षर किए। प्रत्यूष कुमार ने बताया कि बोइंग और भारत की कंपनियों के बीच साझेदारी को लेकर पिछले करीब 18 महीनों से बातचीत चल रही थी। इस साझेदारी के तहत केंद्र सरकार का इरादा ‘मेक इन इंडिया’ के तहत एयरक्राफ्ट तैयार कराना है।

बोइंग भारत में लगाएगा नई फैसिलिटी

इस समझौते पर महिंद्र डिफेंस सिस्टम के चेयरमैन एसपी शुक्ला ने कहा, ‘तीनों कंपनियों के साथ आने से हमें आपस में टेक्नोलॉजी, विशेषज्ञता और एक-दूसरे के काम को समझने में मदद मिलेगी।’ वहीं, एचएएल के चेयरमैन टी राजू ने कहा कि समझौते के तहत या तो बोइंग मौजूदा फैसिलिटी में ही एयरक्राफ्ट बनाएगा या अलग से फैसलिटी तैयार की जाएगी।

110 फाइटर जेट्स के लिए जारी हुआ था टेंडर

बता दें कि पिछले हफ्ते ही वायुसेना ने 110 विमानों की जरूरत को पूरा करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की थी। टेंडर की शर्तों के तहत सेना ऑर्डर के 85 फीसदी एयरक्राफ्ट देश में ही तैयार करवाना चाहती है। अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट की कुल कीमत करीब 15 बिलियन डॉलर होगी।

तीन महीने में शुरू हो जाएगा काम

बोइंग इंडिया के प्रेजिडेंट प्रत्युष कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि जॉइंट वेंचर कंपनी अगले तीन महीने में काम करने लगेगी। उन्होंने यह भी बताया कि समझौते के तहत भारी निवेश होगा, हालांकि उन्होंने इसके आंकड़े देने से इनकार कर दिया। उन्‍होंने बताया कि हमने देश की कई कंपनियों से तमाम पहलुओं पर चर्चा की। हमने 400 से ज्यादा सप्लायर्स के साथ विचार-विमर्श किया।

क्‍या हैं सुपर हॉर्नेट की खासियत

बोइंग F/A सुपर हॉर्नेट फाइटर प्लेन दो इंजन के साथ ही कई तरह की भूमिका निभा सकते हैं। इनकी स्पीड 1915 किमी प्रति घंटे और रेंज 3,330 किमी होती है। इस एयरक्राफ्ट को बनाने में न सिर्फ लागत कम आएगी बल्कि किसी टैक्टिकल एयरक्राफ्ट की तुलना में इसकी ऑपरेटिंग कॉस्ट भी प्रति घंटे कम आएगी। F/A-18 सुपर हॉर्नेट डिफेंस पावर को मजबूत कर भारत को और भी ताकतवर देश बना देगा। यह फाइटर प्‍लेन पाकिस्‍तान के पास मौजूद एफ-16 लड़ाकू विमान से काफी ताकतवर है। इसकी वजह से दुश्मन के नापाक इरादों का खतरा भी कम हो जाएगा।