बेंगलुरु। कर्नाटक में सत्ता के लिए नाटक चालू है। राज्यपाल ने बीजेपी के बड़े लिंगायत नेता बीएस येदियुरप्पा को सीएम पद की शपथ दिला दी है। वहीं, इसका विरोध कर रही कांग्रेस और जेडीएस को 116 विधायकों का खेमा संभालने में मुश्किल हो रही है। ताजा खबर ये है कि जिस रिसॉर्ट में कांग्रेस और जेडीएस विधायकों को रखा गया है, वहां से कांग्रेस के दो विधायक बुधवार रात को गायब हो गए।

कौन से विधायक हुए गायब ?
रायचूर की मस्की विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर प्रताप गौड़ा पाटिल चुने गए थे। वहीं, बेल्लारी से आनंद सिंह कांग्रेस विधायक चुने गए थे। ये दोनों ही रिसॉर्ट से गायब हो गए हैं। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने जब बुधवार को विधायकों के दस्तखत लिए थे, तब भी 3 विधायक मौजूद नहीं थे। हालांकि, प्रताप गौड़ा पाटिल ने उस वक्त लिस्ट पर दस्तखत किए थे।

विपक्ष के लिंगायत विधायकों पर नजर
बहुमत साबित करने के लिए बीजेपी की नजर अब विपक्ष के लिंगायत विधायकों पर है। बीजेपी के पास बहुमत साबित करने के लिए विधायकों की पर्याप्त संख्या नहीं है। उसे विपक्ष के उन लिंगायत विधायकों से उम्मीद है जो कांग्रेस-जेडीएस के गठबंधन से नाराज बताए जा रहे हैं। ये विधायक इसलिए नाराज हैं क्‍योंकि गठबंधन ने वोक्कालिगा समुदाय के एचडी कुमारस्वामी को सीएम बनाने का फैसला किया है।

दर्जनभर विधायकों के नाराज होने की खबर
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और जेडीएस के करीब दर्जन भर लिंगायत विधायक नाराज हैं और ये अपने समुदाय के सबसे बड़े नेता येदियुरप्पा के साथ जा सकते हैं। बता दें कि कांग्रेस की ओर से अल्पसंख्यक समुदाय का दर्जा दिए जाने के बाद भी लिंगायत समुदाय ने चुनाव में बीजेपी का साथ दिया। कर्नाटक में वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय में उस वक्त से टकराव है, जब 2007 में बीजेपी के साथ कार्यकाल बंटवारे के गठबंधन के बावजूद कुमारस्वामी ने सीएम की कुर्सी छोड़ने से इनकार कर दिया था।