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न रिपोर्टर, न स्टाफ…लेकिन सबसे पहले लोगों तक खबर पहुंचाती है ये जापानी कंपनी !

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टोक्यो। सोमवार को माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला का एक बयान आया था। नडेला ने दुनिया को आश्वस्त किया था कि कभी ऐसा नहीं होगा कि रोबॉट या मशीन लोगों की नौकरी पर संकट बन जाएं, लेकिन सत्य नडेला को जापान की एक कंपनी के बारे में शायद पता नहीं होगा। इस कंपनी ने मीडिया का चेहरा बदल डाला है। कैसे, आपको बताते हैं।

बदल जाएगी मीडिया संस्थानों की सूरत
आपने देखा भी होगा और सुना भी होगा कि हर एक मीडिया संस्थान में सैकड़ों लोग काम करते हैं। तमाम रिपोर्टर होते हैं। हर वक्त फोन की घंटियां बजती रहती हैं। कम्प्यूटर्स की स्क्रीन पर हर मिनट हजारों खबरें फ्लैश होती रहती हैं। दर्जनों लोगों की एक अलग टीम होती है, जो इन खबरों में से चुनिंदा खबरों को छांटकर उन्हें आम लोगों तक अखबार, टीवी या वेब के जरिए पहुंचाती है। लेकिन आने वाले दौर में मीडिया संस्थानों की ये सूरत बिल्कुल बदलने जा रही है। न तो उनमें रिपोर्टर होंगे और न ही खबरें बनाने वाले। खबरें आएंगी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उन्हें छांट-काटकर लोगों तक पहुंचा देगा। खबरें देने का ये काम इतनी तेजी से होगा कि सबसे तेज माने जाने वाले मौजूदा दौर के चैनल और वेबसाइट्स भी उसकी टक्कर नहीं ले सकेंगे।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कमाल
बिना एक भी रिपोर्टर या कोई एडिटोरियल स्टाफ रखे महज आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस के जरिए खबरों को लोगों तक पहुंचाने का काम जापान के एक स्टार्टअप ने शुरू किया है। इस कंपनी के बारे में आपको पूरी जानकारी दें, उससे पहले बताते हैं कि इस कंपनी ने किस खबर पर बड़े मीडिया संस्थानों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पछाड़ दिया।

इस खबर पर बड़े मीडिया संस्थान पिछड़े
13 फरवरी, 2017 की तारीख थी। उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह किम जोंग उन के सौतले भाई की मलेशिया में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। अमेरिका ने शक जताया कि किम जोंग उन ने अपने भाई की किसी रसायनिक पदार्थ से हत्या करा दी। इसे लेकर उत्तर कोरिया और मलेशिया के बीच जमकर विवाद होने लगा। इस घटना पर पूरी दुनिया की नजर थी, लेकिन जापान के एक शख्स के बनाए मीडिया स्टार्टअप ने किम जोंग के सौतले भाई की मौत से लेकर दुनियाभर में इस पर हो रही प्रतिक्रियाओं को लोगों तक पहुंचाने में जापान के बड़े-बड़े मीडिया संस्थानों को धूल चटा दी। इधर कोई नई बात होती और वो झट से लोगों की जानकारी में आ जाती।

क्या है मीडिया स्टार्टअप का नाम ?
किम जोंग उन के सौतेले भाई की हत्या की खबर को सबसे पहले लोगों तक पहुंचाने का काम जेएक्स प्रेस कॉर्प्स नाम के मीडिया स्टार्टअप ने किया। अब बताते हैं इस कंपनी के बारे में। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भले ही आज हर तरफ चर्चा में हो, लेकिन 2008 में ही कॉलेज में पढ़ते वक्त कातशिरो योनेशिगे ने सोच लिया था कि वो ऐसा मीडिया हाउस बनाएंगे, जो खबर देने के मामले में बड़े और नामचीन मीडिया संस्थानों को पटकनी दे देगा और साल 2017 में उन्होंने ऐसा कर भी दिखाया। हालत ये थी कि कातशिरो का संस्थान जब खबर दे रहा था, तो बड़े मीडिया संस्थान यानी अखबार, टीवी और वेब उनसे आधे घंटे बाद उसी खबर को दे रहे थे। जबकि कातशिरो के संस्थान में न तो रिपोर्टर थे और न ही खबरें जुटाने का कोई और स्रोत था।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने किया कमाल
तो आखिर जेएक्स प्रेस कॉर्प्स ने किम जोंग के सौतेले भाई की मौत की खबर को सबसे पहले कैसे दिया ? इस सवाल का जवाब है सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। योनेशिगे और उनकी इंजीनियर्स ने एक ऐसा तरीका विकसित किया, जो मशीन लर्निंग से जुड़ा था। इस तरीके से सोशल मीडिया के पोस्ट्स को पढ़ा जाता है और उसे खबर में तब्दील कर दिया जाता है।

बड़े मीडिया संस्थानों ने किया संपर्क
महज 29 साल के योनेशिगे के मुताबिक, जब बड़े मीडिया संस्थानों ने देखा कि उनका स्टार्टअप सबसे पहले खबरों को फ्लैश कर रहा है, तो वो भौंचक्के रह गए। अब ये बड़े संस्थान भी चाहते हैं कि वो योनेशिगे के यहां इस्तेमाल हो रहे सिस्टम को अपने यहां लगाएं। योनेशिगे के मुताबिक मीडिया संस्थानों में सैकडों लोग काम करते हैं और वो ज्यादा कमाई नहीं कर पाते, जबकि मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए कम स्टाफ में खबरों को तेजी से और बेहतर तरीके से दिया जा सकता है।

योनेशिगे के यहां कितने हैं कर्मचारी
कातशिरो योनेशिगे की कंपनी जेएक्स प्रेस कॉर्प्स में स्टाफ की संख्या सिर्फ 24 है। इनमें से दो-तिहाई इंजीनियर हैं। स्टाफ की औसत उम्र 29 साल है। योनेशिगे की कंपनी दो तरह के प्रोडक्ट सामने लाई है। पैसा देकर ब्रेकिंग और फास्ट अलर्ट और न्यूज डाइजेस्ट नाम से मोबाइल एप के जरिए मुफ्त खबरें पहुंचाना। फास्ट अलर्ट में सोशल मीडिया में चल रही हलचल, फोटो और यहां तक कि विस्मय जताने वाले चिह्नों तक का अर्थ निकालकर ब्रेकिंग खबरें दी जाती हैं। मसलन आग लगने, हादसे और अन्य आपदाओं की खबरें लगातार योनेशिगे की कंपनी देती रहती है। ट्विटर और विदेशी मीडिया की हलचलों को पकड़कर भी तुरंत खबर बनाकर पेश कर दी जाती है। खास बात ये कि पूरी तरह ऑटोमेडेट ये तरीका 99 फीसदी फर्जी खबरों को लोगों तक पहुंचने से पहले ही रोक देता है।

जेएक्स प्रेस कॉर्प्स में किसने किया निवेश ?
इस कंपनी में जापान के बड़े मीडिया प्रतिष्ठान निक्केई इनकॉरपोरेटेड, मित्सुबिशी यूएफजे कैपिटल कंपनी, साइबर एजेंट वेंचर्स ने निवेश किया है और एनएचके, टीवी अशाही और फूजी टेलीविजन इस स्टार्टअप से कंटेंट लेते हैं।

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