लंदन। शक्कर खाने से डायबिटीज होने की बात आम तौर पर कही जाती है। वजह ये है कि ज्यादा शक्कर के इस्तेमाल से वजन बढ़ता है और बढ़ता वजन ही डायबिटीज का बड़ा कारण है। लेकिन अब एक नए शोध से पता चला है कि शक्कर सिर्फ डायबिटीज की वजह ही नहीं है। इससे दिल की बीमारी और वक्त से पहले बुढ़ापा भी आ सकता है।

शक्कर का बुढ़ापे से क्या है रिश्ता ?
अमेरिकन कॉलेज ऑफ न्यूट्रीशन में हुए शोध के मुताबिक, जब आप ज्यादा शक्कर खाते हैं और चावल, ब्रेड और पास्ता भी ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो शरीर में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है। इसकी वजह से शक्कर के कण शरीर के प्रोटीन के साथ जुड़ जाते हैं। साथ ही शरीर के सभी अंगों और त्वचा के प्रोटीन के साथ शक्कर के कण मिल जाते हैं। इस प्रक्रिया को ग्लाइकेशन कहते हैं।

ग्लाइकेशन से क्या होता है ?
ग्लाइकेशन से त्वचा में एक रासायनिक प्रतिक्रिया होती है। इससे त्वचा सख्त हो जाती है, जिससे उसमें झुर्रियां पड़ने लगती हैं। यहां तक कि ग्लाइकेशन से त्वचा के अंदरूनी स्तर को बड़ा नुकसान पहुंचता है।

कैसी दिखने लगती है त्वचा ?
ग्लाइकेशन से त्वचा पर झुर्रियां दिखने लगती हैं। इसके अलावा त्वचा पर निशान बन जाते हैं और ये अपना प्राकृतिक रंग भी खो देती है। लगातार ज्यादा शक्कर खाने से त्वचा झूलने लगती है और इसके इलैस्टिन तक नष्ट हो जाते हैं।

…तो फिर क्या खाना चाहिए ?

  • ताजे फल, सब्जियां, अनाज
  • ताजी मटर, साग, बीन्स। इनसे ग्लाइकेशन से लड़ने में मदद मिलती है।
  • रोज दो कप ग्रीन टी, टमाटर। दोनों में लाइकोपेन होता है, जो ग्लाइकेशन की बड़ी काट है।
  • अमीनो एसिड से भी ग्लाइकेशन रुकता है। ऐसे में मछली, ऑर्गेनिक चीज और अंडे खाने चाहिए।
  • बादाम, अखरोट, स्क्वैश और पत्तेदार सब्जियां भी खाना जरूरी है।