नई दिल्ली। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को ये उम्मीद है कि 2019 में बीजेपी को ‘अच्छे दिन’ का नारा उसी तरह डुबोएगा, जैसा 2004 में ‘इंडिया शाइनिंग’ में हुआ था।

सोनिया ने 2019 की तैयारी के लिए 13 मार्च को विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है। इससे पहले उन्होंने अपनी ये उम्मीद जाहिर की। सोनिया ने एक कार्यक्रम में कहा कि ‘अच्छे दिन’ का बीजेपी का नारा वैसा ही जुमला है, जैसा वाजपेयी सरकार के दौर में ‘इंडिया शाइनिंग’ का दिया गया था। उन्होंने एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में कहा कि विपक्षी दलों की एकजुटता की राह में बड़ी बाधा एक-दूसरे के खिलाफ जमीनी स्तर की जंग है।

छोटे दल देशहित में फैसला लें : सोनिया
सोनिया ने कहा कि सभी दलों को बड़ी तस्वीर देखनी चाहिए। कांग्रेस की नेता ने कहा कि अगर हम देश की भलाई के बारे में सोचते हैं, तो हमें स्थानीय स्तर पर अपने मतभेद खत्म करने की जरूरत है। सोनिया ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा दौर में सामाजिक और निजी आजादी को लगातार खतरा हो रहा है।

कांग्रेस को जनता तक पहुंचना होगा
सोनिया ने माना कि कांग्रेस की हालत खराब है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह ये है कि पार्टी अब जनता तक अपनी बात नहीं पहुंचा पा रही है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मार्केट में बने रहने के लिए काम में बदलाव की जरूरत है।

राहुल खुद लेते हैं फैसला
सोनिया गांधी ने एक सवाल के जवाब में ये साफ कर दिया कि वो अब राहुल गांधी को कोई सलाह नहीं देतीं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद ही कांग्रेस के हित में तमाम फैसले आजादी से लेते हैं। सोनिया ने कहा कि उन्हें जब महसूस होता है कि पार्टी की भलाई के लिए कोई कदम उठाया जाना जरूरी है, तो वो कांग्रेस अध्यक्ष, यानी अपने बेटे को उसके बारे में बोलती हैं।