• मिठाई, जंक फ़ूड, शहद तक में चीनी की जगह अब कॉर्न सिरप का इस्तेमाल
  • चीनी से पड़ती है बहुत सस्‍ती, बड़े पैमाने पर होता है इसका व्‍यापार
  • अकेले लखनऊ में हर महीने 50-60 हजार लीटर की होती है खपत
  • कॉर्न सिरप पर कंट्रोल का नहीं है कोई कानून    

आप जानी-मानी दुकान से मिठाई ले रहे हैं और आपको लग रहा है कि ये बिल्कुल सेफ है तो शायद आप गलत हैं। दरअसल ज्यादातर मिठाई दुकानदार, छोटे हों या बड़े, मिठास के लिए कॉर्न सिरप (आम भाषा में ग्‍लूकोज सिरप) का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह चीनी से बनी चाशनी से बेहद सस्‍ता पड़ता है लेकिन सेहत के लिए बहुत नुकसानदेह है। कॉर्न सिरप का इस्‍तेमाल जंक फूड सहित खाने–पीने की कई चीजों में होता है। प्रस्‍तुत है दीपाली अग्रहरि की रिपोर्ट :

क्या है कॉर्न सिरप

कॉर्न सिरप बनाने के लिए मकई के दानों को पीसा जाता है तो उससे स्टार्च निकलता है, इसी से कॉर्न सिरप बनाया जाता है। इसमें 93-96 % तक मिठास होती है। इसे हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप (HFCS) भी कहते हैं। कॉर्न सिरप चीनी से कई गुना मीठा होता है।

फ्रक्टोज क्या है  

फ्रक्टोज फलों और सब्जियों में पाया जाने वाला कार्बनिक यौगिक है। इसका अणुसूत्र ग्लूकोज की तरह होता है। फलों और सब्जियों में फ्रक्टोज की मात्रा बेहद कम होती है। उसमें काफी फाइबर भी होते हैं जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। लेकिन ज्यादा फ्रक्टोज डायबिटीज के साथ–साथ और दिक्कतें भी देता है।

ये समस्याएं देता है कॉर्न सिरप

  • डायबिटीज को स्पीडअप
  • फेफड़े को नुकसान
  • तेजी से फैट बढ़ाना
  • कोलेस्ट्राल अनियंत्रित करता है
  • दिल की समस्या बढ़ाता है
  • पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम

हाई फ्रक्‍टोज कॉर्न सिरप (HFCS) को हम कॉर्न स्‍वीटनर, कॉर्न शुगर, कॉर्न सिरप आदि नामों से भी जानते हैं। इसका इस्‍तेमाल ज्‍यादातर टोमेटो केचप, पैकेज्‍ड कुकीज, केक, नाश्‍ते का अनाज, बर्गर, कोल्‍ड ड्रिंक्‍स, सोडा, फ्रोजेन सब्जियां, दही और जूस पैक्स इत्‍यादि में होता है। इसका अधिक इस्‍तेमाल शरीर से क्रोमियम, मैग्‍नीशियम जैसे माइक्रोन्यूट्रिशंस को कम करता है। कोल्‍ड ड्रिंक्‍स या पैक्ड जूस पीने से पहले ड्रिंक के लेबल को जरूर पढ़ें और देखें कि इसमें हाई फ्रक्‍टोज कॉर्न सिरप है या नहीं। अगर आपकी ड्रिंक में HFSC है तो इसके लगातार सेवन से आप मोटापे और डायबिटीज को दावत दे रहे हैं। इतना ही नहीं, हाई फ्रक्टोज आपके फेफड़े को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं या उन्हें ख़राब कर सकते हैं। कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने से दिल की बीमारियां होने के खतरे बढ़ जाते हैं। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर भी विपरीत असर पड़ता है।

एक शोध के अनुसार, डायबिटीज से पीड़ित लोगों में फ्रक्टोज अलग ही तरह से मेटाबॉलाइज हो सकता है। ‘जर्नल ऑफ ई लाइफ’ में प्रकाशित शोध के अनुसार, फ्रक्टोज वजन को तेजी से बढ़ा सकता है क्योंकि लीवर में जाने के बाद फ्रक्टोज फैट को बढ़ाता है।

इन चीजों में भी कॉर्न सिरप

  • चाशनी वाली मिठाइयां
  • शहद
  • जंक फ़ूड (मीठे), केक, पेस्ट्री
  • आयुर्वेदिक दवाइयां
  • कैचप
  • कोल्‍ड ड्रिंक्‍स/पैक्ड जूस
  • टॉफी और विभिन्‍न तरह की कैंडीज

आयुर्वेद की लगभग हर दवा में शहद का इस्तेमाल होता है, लेकिन बाजार में मौजूद ज्यादातर शहद में हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप मिलाया जाता है। दुकानदार ओरिजनल शहद में कॉर्न सिरप मिलाकर बेचते हैं। इसके अलावा कुछ आयुर्वेदिक दवाओं में भी कॉर्न सिरप का इस्‍तेमाल किया जाता है।

200 लीटर का गैलन 7,000 रुपये में

इंडियन शुगर मिल एसोसिएशन के अनुसार, भारत में 2017 के अंत तक कॉर्न सिरप का व्यापार 10 लाख टन होने का अनुमान है, वहीं दूसरी तरफ चाइना की एक कंपनी कमॉडिटी इनफॉर्मेशन सर्विस के अनुसार, आने वाले कुछ समय में कॉर्न सिरप का बिजनेस 41 लाख टन तक पहुँच सकता है। लखनऊ में यह हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप लगभग 35 रुपये प्रति किलो मिलता है। कॉर्न सिरप का 200 लीटर का गैलन 7,000 रुपये में आता है। अमीनाबाद में कॉर्न सिरप के इकलौते थोक व्‍यापारी ने बताया कि अकेले लखनऊ में ही हर महीने 50-60 हजार लीटर कॉर्न सिरप की खपत होती है। ज्‍यादातर मिठाई और कनफेक्‍शनरी की दुकान वाले इसे खरीद कर ले जाते हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

लखनऊ के केजीएमयू में मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. डी. हिमांशु बताते हैं कि रोजाना उनके पास टाइप 2 डायबिटीज के 35 से 40 मरीज आते हैं। उन्‍होंने बताया कि जब शरीर में फैट बढ़ता है तो इन्सुलिन एक्स्ट्रा शुगर को नहीं हटा पाता है। फ़ास्ट फ़ूड और कोल्‍ड ड्रिंक्‍स या फिर सोडा में अधिक मात्रा में कॉर्न सिरप मिलाया जाता है और न तो उसमें फाइबर होता है न ही प्रोटीन। जब हम अधिक मात्रा में इसे लेते हैं तो वजन तेजी से बढ़ने लगता है।

लखनऊ की न्‍यूट्रिशनिस्‍ट डॉ. नेहा सिन्हा बताती हैं कि 100 ग्राम फ्रक्टोज में 286 कैलोरी होती है। जब हम कॉर्न सिरप से बनीं चीजों का अधिक इस्‍तेमाल करते हैं तो शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ती जाती है, जिससे कई तरह की समस्‍याएं पैदा होती हैं। आज 10 में से 1 महिला कॉर्न सिरप के उपयोग से मोटापे, शुगर और पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम का शिकार हो रही है। हार्मोन के डिसऑर्डर होने पर महिलाओं में पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) की समस्या होती है, जो अंडाशयों की कार्यप्रणाली को प्रभावित करती है। इससे अनियमित माहवारी, मुंहासे, वजन बढ़ना, चेहरे पर बाल और डिप्रेशन जैसी समस्याएं होती हैं।