• वीएनएस थेरेपी से कोमा से बाहर आया फ्रांसीसी नागरिक, मेडिकल के इतिहास में पहली बार हुआ ये चमत्कार

 एक बार फिर मेडिकल साइंस ने कुछ ऐसा कर दिखाया है जो एक चमत्‍कार से कम नहीं है। दरअसल डॉक्‍टरों ने फ्रांस के ऐसे व्‍यक्ति के इलाज में सफलता हासिल की है जो पिछले 15 वर्षों से कोमा में था। इलाज के बाद वह कोमा से बाहर आ गया है। फ्रांस का 35 वर्षीय यह व्यक्ति एक कार हादसे में कोमा जैसी अवस्था (vegetative state) में चला गया था। इस अवस्था में इंसान जिंदा तो रहता है, मगर शरीर और मस्तिष्क काम नहीं करते, बस उसकी दिल की धड़कनें चलती हैं। ऐसे में उसका कोमा से बाहर आना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है। आमतौर पर ऐसे व्यक्ति को दवाओं के सहारे जिंदा रखा जाता है।

जैकस लाओटे और डॉक्‍टरों की टीम ने लंबे समय से कोमा में पड़े इस रोगी पर वीएनएस थेरेपी (vagus nerve stimulation) को आजमाया। वीएनएस थेरेपी का इस्‍तेमाल पहले से ही मिर्गी और डिप्रेशन (अवसाद) जैसी बीमारियों के इलाज में किया जा रहा है। करीब एक महीने बाद उन्होंने पाया कि इससे उस व्यक्ति के ध्‍यान और मस्तिष्क की गतिविधियों में आशाजनक सुधार आया है। उसने सामान्य आदेशों पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है जो अभी तक संभव नहीं था। फिर उन्होंने नियमित रूप से उसे यह थेरेपी देना शुरू कर दिया।

इस थेरेपी के तहत वेगस नर्व स्टिमुलेटर को मरीज की छाती पर लगा दिया जाता है। एक निश्चित अंतराल पर वेगस नर्व के जरिए मस्तिष्‍क को इलेक्ट्रिकल एनर्जी दी जाती है। उल्‍लेखनीय है कि वेगस नर्व शरीर के विभिन्‍न हिस्‍सों को मस्तिष्‍क से जोड़ती है और इसके जरिए शरीर की प्रमुख क्रियाएं नियंत्रित होती हैं।

किसी शख्स के लंबे वक्त बाद कोमा से बाहर आने का ये दुर्लभ मामला है, जब कोई व्यक्ति वेगस नर्व स्टीमुलेशन (वीएनएस) थेरेपी के जरिए चेतन अवस्था में लाया गया है। इससे कई साल से वेजिटेटिव स्टेज में पड़े व्यक्ति को भी होश में लाने में मदद मिल सकती है। शोधकर्ताओं ने कहा कि इस थेरेपी से मिले नतीजों ने उस आम धारणा को चुनौती दी है कि ऐसी अवस्था 12 महीने से ज्यादा रहती है, तो फिर यह स्थायी हो जाती है। अब वीएनएस थेरेपी के बाद इस केस में मरीज ने सामान्य आदेशों पर प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया, जो अपने आप में एक असंभव बात है।